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सहरसा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 26 स्थित सहरसा बस्ती में सड़क निर्माण कार्य बाधित होने के बाद स्थानीय लोगों और वार्ड पार्षद ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर सड़क निर्माण कार्य रुकवा दिया है। नगर निगम ने वार्डवासियों की सुविधा के लिए एक सड़क निर्माण योजना स्वीकृत की थी। यह सड़क अली बाबू के घर से शहजाद अली के घर होते हुए सहरसा-मधेपुरा मुख्य सड़क एनएच-107 तक बनाई जानी थी। निर्माण शुरू होते ही रोक दिया गया काम
जब संवेदक ने सड़क निर्माण कार्य शुरू किया तो वार्ड नंबर 27 के निवासी मो. करामत अली ने जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए निर्माण कार्य जबरन रुकवा दिया। इसके बाद स्थानीय केवालादारों ने अंचल अधिकारी (सीओ) कहरा और सदर थाना पुलिस को लिखित सूचना दी। मापी में अतिरिक्त कब्जे का दावा शिकायत के बाद 16 जून को सीओ, अंचल अमीन और सदर थाना पुलिस की मौजूदगी में विवादित जमीन की मापी कराई गई। अंचल अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, मो. करामत अली के पास डीड (केवाला) के मुताबिक केवल 7 कट्ठा जमीन है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्होंने 10 फीट की कच्ची सड़क के अलावा करीब 1 कट्ठा अतिरिक्त जमीन पर भी अवैध कब्जा कर रखा है। आरोप है कि वह यह भ्रम फैला रहे हैं कि उनके पास 10 कट्ठा जमीन है और रास्ते का 3 फीट हिस्सा उनकी निजी संपत्ति है, जबकि यह रास्ता जमींदार द्वारा सभी केवालादारों और आम लोगों के आवागमन के लिए छोड़ा गया था। आपराधिक मामलों और फर्जी प्रमाण पत्र का भी आरोप
नगर निगम पार्षद साईबा खातून के प्रतिनिधि मो. अली खान ने जिलाधिकारी को दिए आवेदन में मो. करामत अली पर दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज होने और फर्जी प्रमाण पत्र के उपयोग का भी आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता मो. अली खान का आरोप है कि मो. करामत अली का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उनके परिवार पर हत्या सहित करीब तीन दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके पुत्र मो. तारिक उर्फ नन्हे और पुत्री निखहत बानो ने कथित रूप से फर्जी जाति प्रमाण पत्र (कसाई जाति) बनवाकर वर्ष 2007 में शिक्षक-शिक्षिका की नौकरी हासिल की और वर्तमान में मध्य विद्यालय सहरसा बस्ती एवं एक प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हैं। आवेदन में यह भी कहा गया है कि जो भी इस मामले का विरोध करता है, उसे आरोपी परिवार की ओर से जान-माल की धमकी दी जाती है। सैकड़ों परिवारों का आवागमन प्रभावित
डीएम को सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि यह रास्ता क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों के आवागमन का एकमात्र साधन है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर कथित अवैध कब्जा हटाने और सड़क निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की है। आवेदन के साथ अंचल अधिकारी कहरा की मापी रिपोर्ट, नगर निगम का कार्य आदेश तथा आरोपी का कथित आपराधिक इतिहास भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है।


