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सहरसा में 3 दिन मौसम साफ और शुष्क:तापमान 31°C तक, बारिश की संभावना नहीं; किसानों को सिंचाई और फसल देखभाल की सलाह


सहरसा में अगले तीन दिनों तक मौसम शुष्क और साफ रहने का पूर्वानुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी कृषि परामर्श के अनुसार, 5 से 7 मार्च तक वर्षा की कोई संभावना नहीं है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। पूर्वानुमान के अनुसार, सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता लगभग 75 प्रतिशत और दोपहर में करीब 20 प्रतिशत रहने की संभावना है। हवा की गति 2 से 4 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रह सकती है। आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और मौसम विभाग ने कोई चेतावनी जारी नहीं की है। कृषि संस्थान अनुसंधान अगवानपुर सहरसा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. डीके चौधरी ने किसानों को सलाह दी है। नमी की कमी फसल प्रभावित
डॉ. चौधरी के अनुसार, शुष्क मौसम को देखते हुए सभी फसलों और सब्जियों में आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहें। साथ ही, खेतों में निराई-गुड़ाई और खरपतवार नियंत्रण का कार्य समय-समय पर करते रहने से फसलों की बेहतर वृद्धि होगी। गेहूं की फसल में बाली निकलने की अवस्था में दूसरी नाइट्रोजन की टॉप ड्रेसिंग 30 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से करने की सलाह दी गई है। खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि बढ़ते तापमान के साथ नमी की कमी फसल की वृद्धि को प्रभावित कर सकती है। मिट्टी चढ़ाने का कार्य करने की सलाह दी गई
मक्का की फसल में किसानों को सिंचाई करने और मिट्टी चढ़ाने का कार्य करने की सलाह दी गई है। यदि फॉल आर्मी वर्म का प्रकोप दिखे तो लैम्डा सायहलोथ्रिन 1.5 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। सरसों की फसल में सिंचाई के साथ-साथ लाही (माहू) के प्रकोप की स्थिति में इमिडाक्लोप्रिड या थायोमेथोक्साम का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। बागवानी फसलों में, आम और लीची के बागों में बौर आने की प्रक्रिया चल रही है। किसानों को नियमित निगरानी करने और झुलसा रोग से बचाव के लिए कॉपर ऑक्सी क्लोराइड तथा प्रोफेनोफॉस-साइपरमेथ्रिन का छिड़काव करने की सलाह दी गई है।

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