भास्कर न्यूज|गुमला घाघरा थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में दो नाबालिग सहेलियों के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म जैसी वीभत्स घटना में आखिरकार कानून की लंबी प्रक्रिया के बाद न्याय की जीत हुई है। एडीजे-वन प्रेम शंकर की अदालत ने इस मामले में एक युवक को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा न करने पर दोषी को अतिरिक्त छह महीने की सजा काटनी होगी। यह झकझोर देने वाली घटना 9 अक्टूबर 2017 की है। घाघरा प्रखंड में आयोजित जतरा मेला देखकर दो नाबालिग सहेलियां अपने भाइयों के साथ घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में कुछ दरिंदों ने उन्हें घेर लिया। जब भाइयों ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने न केवल उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उन्हें अपमानित करते हुए निर्वस्त्र कर दिया। साथ ही, उनके पास मौजूद मोबाइल और नकदी भी छीन ली। इसके बाद आरोपियों ने दोनों सहेलियों को अपनी हवस का शिकार बनाया। घटना के बाद पीड़िताओं ने घाघरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस मामले के अन्य दोषियों को अदालत पहले ही सजा सुना चुकी है। करीब नौ साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आया यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ी राहत है। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि न्याय भले ही मिलने में समय ले, लेकिन कानून के हाथ दोषियों तक जरूर पहुंचते हैं। समाज के लिए यह एक कड़ा संदेश है कि महिलाओं और नाबालिगों की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

