सारण प्रमंडल के ग्रामीण युवा-युवतियों को व्यावसायिक शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। सीवान के दरौंधा प्रखंड के चिंतामनपुर स्थित ममता इंस्टीच्यूट ऑफ एजुकेशन ने ग्रामीण छात्रों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण, आवासीय सुविधा और आधुनिक तकनीकी शिक्षा योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत सिवान, छपरा और गोपालगंज के विद्यार्थियों को कम खर्च में रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। संस्थान परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. कौशल कुमार गिरि ने बताया कि ममता इंस्टीच्यूट ऑफ एजुकेशन की स्थापना राज्य के प्रतिष्ठित शैक्षणिक समूह अम्बेडकर ग्रुप ऑफ एजुकेशन, पटना द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि यह समूह पिछले 25 वर्षों से बिहार के विभिन्न जिलों में मैनेजमेंट, लॉ, नर्सिंग, पैरामेडिकल, फार्मेसी और पॉलिटेक्निक संस्थानों का सफल संचालन कर रहा है। डॉ. गिरि ने बताया कि संस्थान में बीबीए, बीसीए, जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन जैसे व्यावसायिक स्नातक पाठ्यक्रमों के साथ एमबीए और पीजीडीएम जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी संचालित किए जाएंगे। सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल की व्यवस्था इसके अलावा पॉलिटेक्निक के तहत सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकी शिक्षा की भी व्यवस्था की गई है। संस्थान को एआईसीटीई, नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त है तथा यह आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना से संबद्ध है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नामांकन के लिए केवल 1075 रुपये जमा करने होंगे, जिसके बाद उन्हें अनुभवी शिक्षकों और प्रशिक्षकों द्वारा रोजगार आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। पूरी योजना बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत संचालित होगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण छात्रों को काफी राहत मिलेगी। लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, हॉस्टल और कैंटीन की सुविधाएं संस्थान में लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, हॉस्टल, कैंटीन, प्लेग्राउंड और ओपन जिम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। छात्राओं के लिए सुरक्षित आवासीय व्यवस्था और छात्रों के लिए अलग हॉस्टल की सुविधा दी गई है। प्रथम और द्वितीय वर्ष तक विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास मिलेगा, जबकि तृतीय वर्ष में इंटर्नशिप और पार्ट-टाइम जॉब के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। संस्थान प्रबंधन का दावा है कि कोर्स पूरा होने के बाद सीवान, छपरा और गोपालगंज में बड़े स्तर पर प्लेसमेंट कैंप लगाए जाएंगे, ताकि ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
सारण के युवाओं को निःशुल्क ट्रेनिंग:ममता इंस्टीच्यूट ने शुरू की आवासीय सुविधा योजना
सारण प्रमंडल के ग्रामीण युवा-युवतियों को व्यावसायिक शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। सीवान के दरौंधा प्रखंड के चिंतामनपुर स्थित ममता इंस्टीच्यूट ऑफ एजुकेशन ने ग्रामीण छात्रों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण, आवासीय सुविधा और आधुनिक तकनीकी शिक्षा योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत सिवान, छपरा और गोपालगंज के विद्यार्थियों को कम खर्च में रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। संस्थान परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. कौशल कुमार गिरि ने बताया कि ममता इंस्टीच्यूट ऑफ एजुकेशन की स्थापना राज्य के प्रतिष्ठित शैक्षणिक समूह अम्बेडकर ग्रुप ऑफ एजुकेशन, पटना द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि यह समूह पिछले 25 वर्षों से बिहार के विभिन्न जिलों में मैनेजमेंट, लॉ, नर्सिंग, पैरामेडिकल, फार्मेसी और पॉलिटेक्निक संस्थानों का सफल संचालन कर रहा है। डॉ. गिरि ने बताया कि संस्थान में बीबीए, बीसीए, जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन जैसे व्यावसायिक स्नातक पाठ्यक्रमों के साथ एमबीए और पीजीडीएम जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी संचालित किए जाएंगे। सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल की व्यवस्था इसके अलावा पॉलिटेक्निक के तहत सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकी शिक्षा की भी व्यवस्था की गई है। संस्थान को एआईसीटीई, नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त है तथा यह आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना से संबद्ध है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नामांकन के लिए केवल 1075 रुपये जमा करने होंगे, जिसके बाद उन्हें अनुभवी शिक्षकों और प्रशिक्षकों द्वारा रोजगार आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। पूरी योजना बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत संचालित होगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण छात्रों को काफी राहत मिलेगी। लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, हॉस्टल और कैंटीन की सुविधाएं संस्थान में लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, हॉस्टल, कैंटीन, प्लेग्राउंड और ओपन जिम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। छात्राओं के लिए सुरक्षित आवासीय व्यवस्था और छात्रों के लिए अलग हॉस्टल की सुविधा दी गई है। प्रथम और द्वितीय वर्ष तक विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास मिलेगा, जबकि तृतीय वर्ष में इंटर्नशिप और पार्ट-टाइम जॉब के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। संस्थान प्रबंधन का दावा है कि कोर्स पूरा होने के बाद सीवान, छपरा और गोपालगंज में बड़े स्तर पर प्लेसमेंट कैंप लगाए जाएंगे, ताकि ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

