बिहार सरकार ने सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की है। सिंघिया प्रखंड को भी डिग्री कॉलेज मिला, लेकिन जगह के चयन को लेकर विवाद है। लोगों का कहना है कि एक तो कॉलेज समस्तीपुर के बदले खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में खोल दिया गया। वह भी प्रखंड मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर है। जहां पर पहुंचना भी आसान नहीं है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोग रविवार को सांसद शांभवी चौधरी के पास पहुंचे। कॉलेज खोलने के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध है जनता दरबार में फरियाद लेकर पहुंचे वार्ड पार्षद अभिमन्यू सिंह उर्फ कन्हैया ने बताया कि सरकार ने सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की बात कही है। जिसके तहत सिंघिया मुख्यालय से दूर हसनपुर विधानसभा क्षेत्र और खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के बसुआ में कॉलेज खोला जा रहा है। जो करेह नदी के बांध किनारे है। यह मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर है। मुख्य मार्ग से दूर होने के कारण खासकर छात्राओं को यहां जाने में काफी दिक्कत होगी। सुरक्षा के ख्याल से भी यह ठीक नही है। अगर इस कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय के प्लस टू केजी एकेडमी में कर दिया जाए तो स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी। यहां भी सरकारी जमीन भी उपलब्ध है। यह इलाका समस्तीपुर संसदीय क्षेत्र में आता है। सांसद से लगाई गुहार सिंघिया के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि कामेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि कॉलेज के लिए जो जगह निर्धारित किया गया है, वहां पर कोई इंफ्रास्टेक्चर नहीं है। गर्मी के इस मौसम में जब करेह नदी का बालू उड़ेगा तो छात्रों को परेशानी होगी। प्रखंड मुख्यालय के प्लस टू केजी एकेडमी में 30 एकड़ जमीन भी उपलब्ध है। यहां पर कॉलेज खोला जाए तो इलाके के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। खास कर यहां की छात्रा को ज्यादा दूरी तय नहीं करनी होगी। अक्सर देखा जाता है कि ज्यादा दूरी के कारण ही लड़कियों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है। सांसद से कॉलेज को मुख्यालय में शिफ्ट कराने का मांग की है। जरूरत पड़ने पर लोकसभा उठाएंगे मुद्दा- शांभवी चौधरी वहीं, इस संबंध में सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि लोगों की मांग सही है। कॉलेज के जगह चयन में गड़बड़ी हुई है। जहां पर अभी कॉलेज को खोला गया है। वह जगह प्रखंड मुख्यालय को काफी दूर है। इस मुद्दा को लेकर वह सरकार से बात करेंगे। शिक्षा मंत्री से भी इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। जरूरत पड़ी तो मामले को लोकसभा में भी उठाएंगे। जनता के हित में जो भी मुद्दे हैं, उस पर चुप नहीं रहेंगी।
सिंघिया डिग्री कॉलेज को लेकर विवाद, सांसद से लगाई गुहार:ग्रामीण बोले- प्रखंड मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर बनाया जा रहा है, लड़कियों को दिकक्त होगी
बिहार सरकार ने सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की है। सिंघिया प्रखंड को भी डिग्री कॉलेज मिला, लेकिन जगह के चयन को लेकर विवाद है। लोगों का कहना है कि एक तो कॉलेज समस्तीपुर के बदले खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में खोल दिया गया। वह भी प्रखंड मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर है। जहां पर पहुंचना भी आसान नहीं है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोग रविवार को सांसद शांभवी चौधरी के पास पहुंचे। कॉलेज खोलने के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध है जनता दरबार में फरियाद लेकर पहुंचे वार्ड पार्षद अभिमन्यू सिंह उर्फ कन्हैया ने बताया कि सरकार ने सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की बात कही है। जिसके तहत सिंघिया मुख्यालय से दूर हसनपुर विधानसभा क्षेत्र और खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के बसुआ में कॉलेज खोला जा रहा है। जो करेह नदी के बांध किनारे है। यह मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर है। मुख्य मार्ग से दूर होने के कारण खासकर छात्राओं को यहां जाने में काफी दिक्कत होगी। सुरक्षा के ख्याल से भी यह ठीक नही है। अगर इस कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय के प्लस टू केजी एकेडमी में कर दिया जाए तो स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी। यहां भी सरकारी जमीन भी उपलब्ध है। यह इलाका समस्तीपुर संसदीय क्षेत्र में आता है। सांसद से लगाई गुहार सिंघिया के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि कामेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि कॉलेज के लिए जो जगह निर्धारित किया गया है, वहां पर कोई इंफ्रास्टेक्चर नहीं है। गर्मी के इस मौसम में जब करेह नदी का बालू उड़ेगा तो छात्रों को परेशानी होगी। प्रखंड मुख्यालय के प्लस टू केजी एकेडमी में 30 एकड़ जमीन भी उपलब्ध है। यहां पर कॉलेज खोला जाए तो इलाके के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। खास कर यहां की छात्रा को ज्यादा दूरी तय नहीं करनी होगी। अक्सर देखा जाता है कि ज्यादा दूरी के कारण ही लड़कियों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है। सांसद से कॉलेज को मुख्यालय में शिफ्ट कराने का मांग की है। जरूरत पड़ने पर लोकसभा उठाएंगे मुद्दा- शांभवी चौधरी वहीं, इस संबंध में सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि लोगों की मांग सही है। कॉलेज के जगह चयन में गड़बड़ी हुई है। जहां पर अभी कॉलेज को खोला गया है। वह जगह प्रखंड मुख्यालय को काफी दूर है। इस मुद्दा को लेकर वह सरकार से बात करेंगे। शिक्षा मंत्री से भी इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। जरूरत पड़ी तो मामले को लोकसभा में भी उठाएंगे। जनता के हित में जो भी मुद्दे हैं, उस पर चुप नहीं रहेंगी।
