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सीवान में बिजली विभाग की लगातार लापरवाही अब लोगों के गुस्से का कारण बनती जा रही है। सोमवार की शाम मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बरहनी गांव के समीप सीवान-बड़हरिया मुख्य मार्ग पर ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर आगजनी की। करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप था कि भीषण गर्मी के बावजूद बिजली विभाग की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ है। वार्ड संख्या-5 में पिछले नौ दिनों से ट्रांसफार्मर जला पड़ा है, जिसके कारण पूरा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है। लोगों का कहना था कि कई बार बिजली विभाग के जेई और एसडीओ को फोन किया गया, लेकिन न तो किसी ने कॉल रिसीव किया और न ही समस्या के समाधान की गंभीर पहल की। ग्रामीणों ने बताया कि कार्यालय के कई चक्कर लगाने के बाद नया ट्रांसफार्मर तो उपलब्ध कराया गया, लेकिन लगाते ही वह भी जल गया। इसके बाद विभाग ने दोबारा कोई कार्रवाई नहीं की। विभाग की उदासीनता ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया
ग्रामीणों का कहना था कि बिजली विभाग की उदासीनता ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। गर्मी में बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय फोन तक उठाना जरूरी नहीं समझते। लोगों का आरोप है कि जिले के अधिकांश प्रखंडों में यही स्थिति है, जहां शिकायत करने पर अधिकारी न तो कॉल रिसीव करते हैं और न ही समय पर कार्रवाई करते हैं। इससे कई बार बिजली संबंधी हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन विभाग सबक लेने को तैयार नहीं है। सड़क जाम की सूचना मिलने पर मुफ्फसिल थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। आवागमन पूरी तरह बहाल कर दिया गया ग्रामीणों के अनुसार, पहले पुलिस द्वारा किए गए फोन भी बिजली विभाग के अधिकारियों ने नहीं उठाए। बाद में संपर्क होने पर विभाग की ओर से तत्काल नया ट्रांसफार्मर भेजने का आश्वासन दिया गया।इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया और यातायात फिर से सामान्य हो सका। थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि स्थानीय लोगों को आवश्यक आश्वासन देकर सड़क जाम समाप्त करा दिया गया है और आवागमन पूरी तरह बहाल कर दिया गया है।
सबसे बड़ा मामला यह है कि जब आम जनता ही नहीं, बल्कि पुलिस अधिकारियों के फोन तक बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी रिसीव नहीं कर रहे हैं, तो आम उपभोक्ता अपनी शिकायत आखिर किससे करें?
