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नीट पेपर लीक मामले के विरोध में एआईएसए (AISA), आरवाईए (RYA) सहित विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा कल बिहार बंद का ऐलान किया गया है। इसे लेकर सीवान के गांधी मैदान में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को शहर में प्रशासन और पुलिस ने भारी सुरक्षा बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च समाहरणालय परिसर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बबुनिया मोड़ तक निकाला गया। दंगा निरोधी उपकरणों से लैस जवान मौजूद मार्च का नेतृत्व जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने किया। इस दौरान सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता, सदर-1 एसडीपीओ अजय कुमार सिंह, सदर-2 एसडीपीओ गौरी कुमारी, नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार, मुफ्फसिल थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं दंगा निरोधी उपकरणों से लैस जवान मौजूद रहे। फ्लैग मार्च को लेकर जब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से सवाल किया गया तो दोनों अधिकारियों ने इसे बिहार बंद की तैयारी से जोड़ने से इनकार किया। आपात परिस्थितियों से निपटने का ट्रेनिंग उन्होंने कहा कि इस प्रकार का फ्लैग मार्च समय-समय पर प्रशिक्षु सिपाहियों के प्रशिक्षण के उद्देश्य से निकाला जाता है और यह उसी कार्यक्रम का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार जवानों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपात परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हालांकि शहर में लोगों के बीच इसे लेकर अलग-अलग चर्चाएं होती रहीं। कई लोगों का कहना था कि बिहार बंद की पूर्व संध्या पर फ्लैग मार्च निकाला जाना महज संयोग नहीं हो सकता। लोगों का मानना है कि प्रशासन संभावित स्थिति को देखते हुए अपनी तैयारियों का संदेश देना चाहता था। शांतिपूर्ण कार्यक्रम सुनिश्चित करने का प्रयास वहीं पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने कहा कि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि बंद और धरना-प्रदर्शन को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की गई है तथा शांतिपूर्ण कार्यक्रम सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। एहतियातन अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।

