![]()
मरीजों की सुरक्षा, गोपनीयता और बेहतर इलाज का दावा करने वाला सीवान का मॉडल सदर अस्पताल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। कभी इमरजेंसी में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, कभी दवाओं की कमी और कभी इलाज में लापरवाही को लेकर सुर्खियों में रहने वाला यह अस्पताल अब ऑपरेशन थिएटर में वीडियो बनाने के मामले को लेकर विवादों में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ऑपरेशन के दौरान वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक महिला का ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया जा रहा है। ऑपरेशन थिएटर में महिला चिकित्सक डॉ रुबीना और स्टाफ नर्स सविता ऑपरेशन में व्यस्त हैं, जबकि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार कुछ दूरी पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ऑपरेशन के दौरान कोई व्यक्ति आराम से वीडियो रिकॉर्ड कर रहा है। यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर ऑपरेशन थिएटर जैसे अति संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र में वीडियो बनाने की अनुमति किसने दी? ऑपरेशन के दौरान मास्क पहनना संक्रमण से बचाव के लिए अनिवार्य वीडियो को देखने पर यह भी स्पष्ट होता है कि जहां एनेस्थीसिया डॉक्टर ने मास्क पहन रखा है, वहीं ऑपरेशन कर रही महिला डॉक्टर और स्टाफ नर्स बिना मास्क के दिखाई दे रही हैं। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या सोशल मीडिया पर चेहरा दिखाने की चाह मरीज की सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण के नियमों से भी बड़ी हो गई? विशेषज्ञों के अनुसार ऑपरेशन के दौरान मास्क पहनना संक्रमण से बचाव के लिए अनिवार्य माना जाता है। बैकग्राउंड में फिल्मी गीत जोड़कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड आरोप है कि वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद उसे एडिट कर बैकग्राउंड में फिल्मी गीत जोड़कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया गया। यदि यह सच है तो यह केवल अस्पताल की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला मामला नहीं, बल्कि प्रसूता की निजता, चिकित्सा नैतिकता और अस्पताल के नियमों का खुला उल्लंघन भी माना जाएगा। मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, सोशल मीडिया कंटेंट बनने के लिए नहीं। मामले पर जब अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी।

