जेपीएससी की सिविल जज (जूनियर डिवीजन) नियुक्ति प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित जांच कमेटी द्वारा अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपे जाने के बाद भी अब तक रिजल्ट प्रकाशित नहीं किया गया है। इससे अभ्यर्थियों में नाराजगी और बेचैनी बढ़ती जा रही है। जेपीएससी ने वर्ष 2023 में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के 138 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था। मुख्य परीक्षा के बाद ही पूरी प्रक्रिया विवादों में घिर गई। स्थिति ऐसी बनी कि आयोग को दो बार उत्तर कुंजी में संशोधन करना पड़ा। इसके बाद वर्ष 2024 में पहला रिजल्ट जारी किया गया, लेकिन मामला अदालत पहुंच गया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने दो गलत प्रश्नों को हटाने और एक प्रश्न के उत्तर को सही करने का निर्देश दिया था। साथ ही कट-ऑफ निर्धारण की प्रक्रिया स्पष्ट करते हुए फ्रेश रिजल्ट प्रकाशित करने का आदेश दिया गया था। हाईकोर्ट के आदेश को आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को एक विशेषज्ञ कमेटी गठित करने का निर्देश दिया। अदालत ने विधि और अंग्रेजी विषय के विशेषज्ञों से विवादित प्रश्नों की जांच कराकर रिपोर्ट जेपीएससी को भेजने को कहा था। विशेषज्ञ कमेटी अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंप चुकी है, लेकिन इसके बावजूद रिजल्ट जारी नहीं किया जा रहा।


