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सिटी रिपोर्टर | बोकारो सेक्टर-2 स्थित गुरुद्वारा में रविवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश पर्व अत्यंत श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। इसके साथ ही पिछले दो दिनों से चल रहे अखंड कीर्तन समागम का विधिवत समापन हो गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। समागम में विशेष रूप से पश्चिम बंगाल से पधारीं प्रसिद्ध रागी जत्था प्रभजोत कौर ने मधुर शबद कीर्तन प्रस्तुत कर संगतों को भाव-विभोर कर दिया। वहीं, अंतरा ज्योत कौर ने कथा वाचन कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की महिमा और उनके उपदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को जानकारी दी गई कि भाद्रपद माह में सन् 1604 में पंचम पातशाह श्री गुरु अर्जुन देव जी ने दरबार साहिब (अमृतसर) में श्री गुरु ग्रंथ साहिब का पहला प्रकाश कराया था और बाबा बुड्ढा जी को पहला मुख्य ग्रंथी बनाया गया था। श्री गुरु ग्रंथ साहिब दुनिया का एकमात्र ऐसा पावन ग्रंथ है, जिसमें 6 सिख गुरुओं के साथ-साथ संत कबीर, बाबा फरीद, भगत नामदेव और संत रविदास जैसे विभिन्न धर्मों व जातियों के 30 से अधिक संत-महात्माओं की बाणी दर्ज है। यह ग्रंथ किसी एक संप्रदाय का न होकर पूरी मानवता को प्रेम, समानता और सौहार्द का मार्ग दिखाता है। कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा परिसर में सेवादार सोनी सिंह की ओर से श्रद्धालुओं के लिए शरबत और शीतल पेयजल के विशेष स्टॉल लगाए गए थे। शबद कीर्तन और कथा वाचन के उपरांत कड़ाह प्रसाद का वितरण किया गया। इसके बाद विशाल लंगर का आयोजन हुआ, जिसमें शहर के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसादा ग्रहण किया।
सेक्टर-2 गुरुद्वारा में धूमधाम से मनाया गया गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश पर्व, हुए निहाल

