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छात्र संघ बोले- जबतक सीटें बढ़ाई नहीं जातीं, तबतक आंदोलन जारी रहेगा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में स्नातक सीटों में कटौती के बाद शुरू हुआ विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। सोमवार को विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी करने लगे। सुबह 10.30 बजे तालाबंदी के कारण कुलपति प्रो. राजीव मनोहर समेत शिक्षकों और कर्मचारियों को मुख्य गेट के बाहर ही रुकना पड़ा। कुछ देर तक गेट पर गतिरोध की स्थिति बनी रही। इसके बाद कुलपति के आदेश से ताला टूटा। वीसी के प्रशासनिक भवन में प्रवेश करने के बाद पुलिस की सलाह पर सुरक्षा कारणों से विश्वविद्यालय प्रशासन ने फिर मुख्य गेट बंद करा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं गेट पर धरना पर बैठ गए। वीसी की कार में लगे बोर्ड पर कालिख पोत दी। पूरे दिन परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा, जबकि नामांकन प्रक्रिया बाधित रही। तालाबंदी से एडमिशन कार्य बाधित आंदोलन से अधिकांश विभागों में नामांकन कार्य बाधित रहा। दूर-दराज के जिलों से पहुंचे कई छात्र और उनके अभिभावकों को बिना नामांकन कराए वापस लौटना पड़ा। केवल कुछ विभागों में सीमित संख्या में प्रवेश हो सका। तालाबंदी का नेतृत्व नेतृत्व विवेक तिर्की, दया बहुरा, वसीम अंसारी, अमृत मुंडा, प्रेम प्रतीक, अखिलेश पाहन, सुनील सोरेन, शालीन गोप, अरविंद बैठा, सचित रंजन, कमलेश महतो समेत अन्य छात्र नेताओं ने किया। कार्य बाधित करने वालों पर होगी कार्रवाई इधर, कुलपति ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय में जबरन तालाबंदी करने वाले छात्रों की पहचान की जा रही है। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। प्रोक्टोरिल बोर्ड की बैठक में तालाबंदी करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया जाएगा। तालाबंदी की घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। सीट बढ़ाना विवि के अधिकार क्षेत्र में नहीं कुलपति प्रो. राजीव मनोहर ने कहा कि स्नातक एडमिशन सीटें बढ़ाने का अधिकार विवि के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। छात्रों की मांगों से उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को अवगत करा दिया गया है। विभागीय सचिव से मिलकर भी इस संबंध में आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के हित में लगातार प्रयास कर रहा है। लेकिन तालाबंदी कर शैक्षणिक गतिविधियों को बाधित करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। मांगों पर कार्यवाही नहीं हो रही : छात्र संघ आदिवासी छात्र संघ, जेसीएम व एनएसयूआई से जुड़े सदस्यों ने कहा कि पारंपरिक व व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में सीटें घटा दी गई हैं। जबतक सीटें पूर्ववत नहीं की जातीं या बढ़ाई नहीं जातीं, तबतक आंदोलन व तालाबंदी जारी रहेगी। आदिवासी छात्र संघ ने कहा कि 10 सूत्री मांगों पर कार्यवाही नहीं हो रही है। इससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने विवि प्रशासन का पुतला दहन भी किया।

