सीतामढ़ी जिले में अपने पिता के कथित हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से नाराज एक व्यक्ति ने समाहरणालय परिसर में आत्मदाह की चेतावनी दी है। मोहम्मद गुलाब नामक इस व्यक्ति का आरोप है कि उनके पिता मोहम्मद शरीफुल की वर्ष 2022 में जमीनी विवाद के कारण हुई मारपीट के बाद मौत हो गई थी। गुलाब के अनुसार, उनके पिता मोहम्मद शरीफुल के साथ 2022 में जमीनी विवाद को लेकर बेरहमी से मारपीट की गई थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनका इलाज चला, लेकिन लगभग एक महीने बाद उनकी मृत्यु हो गई। परिवार इसे हत्या का मामला बता रहा है। अब तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी मृतक की पत्नी जैतून निशा और पुत्र मोहम्मद गुलाब ने घटना के बाद से ही न्याय के लिए स्थानीय थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक, डीआईजी और डीजीपी तक गुहार लगाई है। उन्होंने जिला पदाधिकारी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के जनता दरबार में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मोहम्मद गुलाब ने आरोप लगाया कि वे पिछले तीन वर्षों से न्याय के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी फरियाद पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनके पिता के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे अगले सोमवार, 29 जून को समाहरणालय परिसर में आत्मदाह कर लेंगे। घटना के समय मोहम्मद शरीफुल की मौत नहीं हुई थी इस मामले पर सीतामढ़ी के एसपी अमित रंजन ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जिन आरोपियों पर मारपीट का आरोप था, उन्हें उस समय गिरफ्तार कर लिया गया था। वे न्यायालय से जमानत मिलने के बाद बाहर हैं। एसपी रंजन ने स्पष्ट किया कि घटना के समय मोहम्मद शरीफुल की मौत नहीं हुई थी, बल्कि कुछ महीनों बाद उनकी मृत्यु हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण मारपीट नहीं, बल्कि बीमारी बताया गया है।
हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सुसाइड की धमकी:सीतामढ़ी में बेटे का पिता के लिए फैसला; SP बोले- आरोपी हुए थे गिरफ्तार
सीतामढ़ी जिले में अपने पिता के कथित हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से नाराज एक व्यक्ति ने समाहरणालय परिसर में आत्मदाह की चेतावनी दी है। मोहम्मद गुलाब नामक इस व्यक्ति का आरोप है कि उनके पिता मोहम्मद शरीफुल की वर्ष 2022 में जमीनी विवाद के कारण हुई मारपीट के बाद मौत हो गई थी। गुलाब के अनुसार, उनके पिता मोहम्मद शरीफुल के साथ 2022 में जमीनी विवाद को लेकर बेरहमी से मारपीट की गई थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनका इलाज चला, लेकिन लगभग एक महीने बाद उनकी मृत्यु हो गई। परिवार इसे हत्या का मामला बता रहा है। अब तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी मृतक की पत्नी जैतून निशा और पुत्र मोहम्मद गुलाब ने घटना के बाद से ही न्याय के लिए स्थानीय थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक, डीआईजी और डीजीपी तक गुहार लगाई है। उन्होंने जिला पदाधिकारी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के जनता दरबार में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मोहम्मद गुलाब ने आरोप लगाया कि वे पिछले तीन वर्षों से न्याय के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी फरियाद पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनके पिता के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे अगले सोमवार, 29 जून को समाहरणालय परिसर में आत्मदाह कर लेंगे। घटना के समय मोहम्मद शरीफुल की मौत नहीं हुई थी इस मामले पर सीतामढ़ी के एसपी अमित रंजन ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जिन आरोपियों पर मारपीट का आरोप था, उन्हें उस समय गिरफ्तार कर लिया गया था। वे न्यायालय से जमानत मिलने के बाद बाहर हैं। एसपी रंजन ने स्पष्ट किया कि घटना के समय मोहम्मद शरीफुल की मौत नहीं हुई थी, बल्कि कुछ महीनों बाद उनकी मृत्यु हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण मारपीट नहीं, बल्कि बीमारी बताया गया है।


