Wednesday, May 6, 2026

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हल्की बारिश में भी गायब हो जाती है बिजली जर्जर हाइटेंशन तार नहीं बदल पा रहा विभाग


भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह शहर सहित आस-पास के इलाकों में सोमवार शाम करीब चार घंटे हुई बारिश ने शहर की बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश शुरू होते ही पूरे शहर की बिजली गुल कर दी गई। कुछ इलाकों में रात 11 बजे के बाद आपूर्ति बहाल हुई। जबकि, कई क्षेत्रों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा।शहरी क्षेत्र से जुड़े बेंगाबाद प्रखंड के सोनबाद इलाके में पूरी रात बिजली नहीं आई। मंगलवार सुबह जाकर आपूर्ति शुरू हो सकी। हैरानी की बात यह है कि बारिश के दौरान सभी सब-स्टेशनों तक 33 हजार वोल्ट की आपूर्ति सामान्य रही। इसके बावजूद 11 हजार वोल्ट की सप्लाई एहतियात के नाम पर बंद कर दी गई। असल समस्या विभाग की लापरवाही है। शहर के कई इलाकों में 11 हजार वोल्ट के तार अब भी जर्जर हालत में हैं। इन्हें बदलने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। स्थिति यह है कि हल्की आंधी या बारिश की संभावना होते ही विभाग सीधे बिजली काट देता है। ताकि, जर्जर तारों से कोई बड़ी समस्या न हो। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश के दौरान घंटों अंधेरे में रहने को लोग विवश हो जाते हैं । लोगों में आक्रोश बिजली की बदहाल व्यवस्था पर गिरिडीह शहर के लोगों ने आक्रोश जताया है। लोगों का कहना है कि हल्की बारिश में ही बिजली गुल हो जाती है। गर्मी के कारण भारी परेशानी होती है। बिजली नहीं रहती है तो पानी की भी किल्लत होने लगती है। शहर में 100 किलोमीटर में लगे हैं तार, इन में सिर्फ 40 किलोमीटर तार बदले, बाकी पर अब भी टाल-मटोल शहर में 11 हजार वोल्ट के करीब 100 किलोमीटर तार लगे हैं। इनमें से बड़ी संख्या में तार जर्जर हालत में हैं। कहीं तारों को जोड़कर बिजली आपूर्ति की जा रही है। तो कहीं उन्हें अस्थायी तरीके से लगाया गया है। बिजली विभाग का दावा है कि अब तक सिर्फ 40 किलोमीटर तार बदले गए हैं। जबकि, बाकी 60 किलोमीटर जर्जर तार अब भी जस के तस हैं। विभाग का कहना है कि शेष इलाकों में काम जारी है। लेकिन, यह काम कब तक पूरा होगा, इस पर कोई स्पष्ट समय सीमा नहीं दी जा रही है। ऐसे में हर बारिश और हल्की आंधी में बिजली काटना विभाग की मजबूरी नहीं, बल्कि अधूरी तैयारी का नतीजा नजर आ रहा है। बिजली की आपूर्ति ठीक से हो, इस पर काम कर रहा है विभाग : जेई बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर अमित कुमार ने बताया कि जिस इलाके में तार के जर्जर होने की जानकारी मिलती है, उसे ठीक किया जाता है। बारिश और आंधी के दौरान सावधानी बरतने के लिए बिजली काटी जाती है, सिर्फ बारिश हो, तो बिजली नहीं कटेगी। लेकिन आंधी में तार पर पेड़ गिरने का डर बना रहता है। इसलिए बिजली काटी जाती है।

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