झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम से प्रभावित जमीन का हस्तांतरण क्रिश्चियन सोसाइटी को हस्तांतरित किए जाने के मामले की सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग सहित खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जिले के डीसी को प्रतिवादी बनाते हुए जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी विष्णु साहू की ओर से अदालत को बताया गया कि रांची सहित राज्य के िवभिन्न जिलों में साजिश के तहत आदिवासियों की जमीन का हस्तांतरण क्रिश्चियन सोसाइटी के पक्ष में किया जा रहा है। यह कानूनी रूप से गलत है। प्रार्थी ने अदालत से इस तरह जमीन हस्तांतरण पर पूरी तरह रोक लगाने और पूर्व में हस्तांतरित की गई जमीन की जांच कराने का आग्रह किया। क्योंकि, जमीन हस्तांतरण की वजह से आदिवासी बहुल जिलों की डेमोग्राफी बदल रही है। मामले की अगली सुनवाई 2 सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ताओं को एमवीआई नियुक्ति पत्र देने का दिया निर्देश रांची|झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) नियुक्ति मामले में नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाने को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि शुक्रवार तक याचिकाकर्ताओं को नियुक्ति पत्र दिया जाए, अन्यथा अवमानना के मामले में प्रतिवादियों के खिलाफ आरोप गठित की जाएगी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 12 जून को निर्धारित की है।


