Sunday, October 4, 2026
⚡

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

होम डिलीवरी में देरी: डीएसी नंबर के बाद भी सप्ताह भर इंतजार


बोकारो और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडरों की होम डिलीवरी में भारी देरी देखने को मिल रही है। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि सिलेंडर बुक करने और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) नंबर जारी होने के बाद भी उन्हें अपने रिफिल सिलेंडर के लिए पांच से सात दिनों तक लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस स्थिति में त्योहारों और रोजमर्रा के दिनों में आम जनता, विशेषकर गृहणियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तमाम दावों के बावजूद गैस एजेंसियों की लचर व्यवस्था के कारण उपभोक्ता परेशान हैं। कई इलाकों में तो लोग बुकिंग के हफ्तों बाद भी एजेंसियों के चक्कर काटने को विवश हैं। समस्या का व्यावहारिक समाधान जरूरी इस समस्या से निपटने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कदम उठाना बेहद जरूरी हैं। गैस एजेंसियों को अपने स्तर पर सिलेंडरों का अतिरिक्त स्टॉक (बफर स्टॉक) रखना चाहिए, ताकि मुख्य प्लांट से सप्लाई प्रभावित होने पर भी स्थानीय स्तर पर डिलीवरी न रुके। पीक सीजन या मांग बढ़ने के दौरान एजेंसियों को अस्थायी रूप से अतिरिक्त डिलीवरी स्टाफ और वाहनों को काम पर लगाना चाहिए, ताकि पेंडिंग ऑर्डर्स को तेजी से क्लियर किया जा सके। जिन उपभोक्ताओं के पास अपने साधन हैं, उन्हें गैस एजेंसी के गोदाम से सीधे सिलेंडर ले जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसके लिए उन्हें नियमों के तहत मिलने वाली छूट (डिलीवरी चार्ज की कटौती) भी तुरंत दी जानी चाहिए। गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं दो बुकिंग के बीच 25 दिन का लॉक-इन पीरियड नियमों के मुताबिक, गैस कंपनियों ने रिफिल बुकिंग के लिए एक सख्त व्यवस्था लागू की है। अब कोई भी उपभोक्ता एक सिलेंडर की बुकिंग के बाद अगले 25 दिनों से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं करा सकता है। इस लॉक-इन पीरियड के पीछे का मुख्य उद्देश्य घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी को रोकना और सभी वैध उपभोक्ताओं तक समान रूप से एलपीजी पहुंचाना है। हालांकि, जब एक बार बुकिंग हो जाती है और डीएसी जनरेट हो जाता है, तो नियमतः 24 से 48 घंटों के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी हो जानी चाहिए, जो वर्तमान में नहीं हो पा रही है। डिलीवरी में देरी के कई मुख्य कारण रसोई गैस की इस किल्लत और डिलीवरी में हो रही देरी के पीछे कई तकनीकी और व्यावहारिक कारण सामने आए हैं। इसमें मुख्य बॉटलिंग प्लांट से स्थानीय गैस एजेंसियों तक सिलेंडरों की आपूर्ति में समय लग रहा है। मांग के अनुपात में ट्रकों की उपलब्धता कम होने से स्टॉक समय पर नहीं पहुंच पा रहा है। त्योहारों के सीजन या शादियों के दिनों में अक्सर गैस डिलीवरी करने वाले कर्मचारी (हॉकर्स) बिना सूचना के छुट्टी पर चले जाते हैं। स्टाफ की इस कमी के कारण रिहायशी इलाकों में डिलीवरी का शेड्यूल पूरी तरह से बिगड़ जाता है। बोकारो के एक गोदाम में गैस सिलेंडर ढोता कर्मी।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles