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₹28 करोड़ कैश, 15 किलो सोना जब्त

₹28 करोड़ कैश, 15 किलो सोना जब्त

बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ वर्षों के दौरान भ्रष्टाचार, अवैध कारोबार और आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में करोड़ों रुपये की नकदी और भारी मात्रा में सोना बरामद होने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं. शिक्षक भर्ती घोटाले से लेकर गेमिंग ऐप धोखाधड़ी, साइबर ठगी और राजनीतिक नेताओं के ठिकानों तक, जांच एजेंसियों की कार्रवाई में बार-बार काले धन का जखीरा उजागर होता रहा है. इसी कड़ी में अब बीरभूम जिले से सामने आई बरामदगी ने राज्य की राजनीति, प्रशासन और जांच एजेंसियों के बीच एक बार फिर हलचल मचा दी है.

टुलु मंडल और मिनार मंडल के घर मिली अकूत संपत्ति

बीरभूम के मोहम्मद बाजार थाना क्षेत्र में अवैध बालू और पत्थर खनन से जुड़े कारोबारी टुलु मंडल के करीबी और उसके मैनेजर मिनार मंडल के घर पर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 19 घंटे तक लगातार छापेमारी की. इस दौरान पुलिस ने घर के भीतर से 15 किलोग्राम सोना तथा ₹28 करोड़ 53 लाख 47 हजार नकद बरामद किए. इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के कारण नोटों की गिनती के लिए बैंक से पांच से अधिक करेंसी काउंटिंग मशीनें मंगानी पड़ीं. पुलिस के अनुसार, गिनती का काम देर रात तक चलता रहा.

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

बीरभूम जिला पुलिस अधीक्षक विदित राज ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मोहम्मद बाजार क्षेत्र के एक मकान में अवैध कारोबार से अर्जित भारी मात्रा में नकदी और सोना छिपाकर रखा गया है. सूचना की पुष्टि के बाद बुधवार तड़के विशेष टीम ने घर को चारों ओर से घेरकर तलाशी शुरू की. कार्रवाई लगातार गुरुवार देर रात तक चली. तलाशी के दौरान घर के अलग-अलग कमरों, अलमारियों, बक्सों और गुप्त ठिकानों से नोटों की गड्डियां और सोने के बिस्कुट बरामद हुए. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इतनी बड़ी मात्रा में नकदी पहले कभी बीरभूम जिले में एक साथ बरामद नहीं हुई थी.

मिनार मंडल हिरासत में, टुलु मंडल पर शिकंजा

छापेमारी के बाद पुलिस ने मिनार मंडल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. प्रारंभिक पूछताछ में मिनार ने स्वीकार किया कि बरामद नकदी और सोना उसका नहीं, बल्कि खनन कारोबारी टुलु मंडल का है. हालांकि पुलिस उसके इस बयान की पुष्टि करने में जुटी है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी रकम और सोना कहां से आया, इसका वास्तविक मालिक कौन है और इसे किस उद्देश्य से यहां छिपाकर रखा गया था. अधिकारियों का कहना है कि टुलु मंडल और उसके अन्य सहयोगियों के ठिकानों पर भी जल्द छापेमारी की जाएगी.

अवैध बालू और पत्थर कारोबार की जांच तेज

जांच एजेंसियों का मानना है कि बरामद संपत्ति का संबंध बीरभूम में लंबे समय से चल रहे अवैध बालू और पत्थर खनन कारोबार से हो सकता है. टुलु मंडल पर पहले भी अवैध खनन, पत्थर व्यवसाय और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं.पुलिस अब उसके बैंक खातों, संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और सहयोगियों की भी गहन जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, खातों का विवरण और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी बरामद हुए हैं. जरूरत पड़ने पर आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी जानकारी साझा की जाएगी.

बंगाल में पहले भी मिल चुके हैं करोड़ों रुपये और सोना

  • पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई हाई-प्रोफाइल मामलों में बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद हुआ है.
  • जुलाई 2022 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के दो फ्लैटों से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ₹49 करोड़ 80 लाख नकद और 5 किलोग्राम से अधिक सोना बरामद किया था. जांच एजेंसियों ने इसे शिक्षक भर्ती घोटाले की रकम बताया था.
  • सितंबर 2022 में कोलकाता के गार्डेनरीच इलाके के एक मकान से ₹17 करोड़ 31 लाख नकद बरामद किए गए थे. जांच में इसे कथित गेमिंग ऐप धोखाधड़ी से जुड़ी रकम बताया गया.
  • मई 2026 में बाड़ुईपुर के पूर्व प्रधान दीपंकर भट्टाचार्य के घर और पास के खेत की खुदाई के दौरान ₹2 करोड़ 24 लाख नकद बरामद हुए थे.
  • जून 2026 में कोलकाता और नदिया में तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं पूर्व विधायक सव्यसाची दत्त के ठिकानों से करीब साढ़े छह किलोग्राम सोना बरामद होने का मामला सामने आया था.
  • जुलाई 2026 में न्यूटाउन के एक गेस्ट हाउस से पुलिस ने ₹2 करोड़ 27 लाख नकद बरामद किए थे, जिसे प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी से जुड़ी रकम माना गया.
  • अब बीरभूम से हुई ₹28.53 करोड़ नकद और 15 किलो सोने की बरामदगी इन सभी मामलों में सबसे चर्चित कार्रवाइयों में शामिल हो गई है.

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

मामले को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने जनता की संपत्ति लूटकर राजनीतिक संरक्षण में अवैध संपत्ति का पहाड़ खड़ा किया है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए.उन्होंने कहा कि जनता का पैसा जनता का है और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए.

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आगे हो सकते हैं कई बड़े खुलासे

बीरभूम जिला पुलिस अधीक्षक विदित राज ने संकेत दिए हैं कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद अवैध खनन, हवाला, काले धन और आर्थिक लेन-देन से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल मिनार मंडल से लगातार पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही है. बीरभूम में हुई इस बड़ी बरामदगी ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल में अवैध खनन, काले धन और राजनीतिक संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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