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12 साल से फरार नक्सली हरिशंकर पासवान गिरफ्तार:STF ने बेगूसराय पुलिस के साथ घेराबंदी कर पकड़ा, लेवी वसूलने का करता था काम


बिहार पुलिस और एसटीएफ (STF) ने नक्सल विरोधी अभियान में सफलता हासिल की है। बेगूसराय जिला पुलिस और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर पिछले 12 साल से फरार चल रहे कुख्यात नक्सली हरिशंकर पासवान उर्फ रितेश को गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ की विशेष टीम को सूचना मिली थी कि भगवानपुर थाना क्षेत्र के एक पुराने और गंभीर मामले में फरार नक्सली हरिशंकर पासवान इलाके में देखा गया। कार्रवाई करते हुए बेगूसराय पुलिस और एसटीएफ ने घेराबंदी की। इस दौरान टीम ने पकठौल चौक के नजदीक छापेमारी कर नक्सली को दबोच लिया। गिरफ्तार नक्सली की पहचान वीरपुर थाना क्षेत्र के गेनहरपुर गांव के रहने वाले सुरेश पासवान के बेटे हरिशंकर पासवान उर्फ रितेश कुमार के रूप में हुई है। हरिशंकर पासवान पर भगवानपुर थाना में 2012 में गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस पर रंगदारी, लूटपाट, आगजनी और आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। पहचान छिपाकर रह रहा था नक्सली मामला 28 फरवरी 2012 को दर्ज किया गया था। तब से पहचान छुपाकर विभिन्न ठिकानों पर शरण ले रहा था और पुलिस की पहुंच से बाहर था। हरिशंकर पासवान पर न केवल IPC की धाराएं लगी थी। बल्कि उस पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण यूएपी एक्ट (Unlawful Activities Prevention Act) की धाराएं भी लगाई गई थीं। भादवि की धारा- 147, 148, 149, 341, 323, 427, 386, 120(B), 411, 387, 379 एवं 435 दर्ज है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें 10/13 यूएपी एक्ट के साथ परिवर्तित धारा-16 (1)(B) और 17 यूएपी एक्ट भी जोड़ा गया था। आरोपी न केवल आपराधिक घटनाओं में शामिल था, बल्कि प्रतिबंधित संगठन के लिए टेरर फंडिंग और आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने का भी मुख्य आरोपी था। स्थानीय सूत्रों और पुलिस फाइलों के मुताबिक हरिशंकर पासवान की गिनती इलाके के सक्रिय नक्सलियों में होती थी। वह लेवी वसूलने और निर्माण काम में बाधा डालने के लिए जाना जाता था। उसकी गिरफ्तारी को बेगूसराय पुलिस के लिए एक उपलब्धि माना जा रहा है। क्योंकि इसके पकड़े जाने से नक्सली नेटवर्क की पुरानी कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलेगी। फिलहाल गिरफ्तार नक्सली हरिशंकर उर्फ रितेश से कड़ी पूछताछ की जा रही है। जिससे उसके अन्य साथियों और वर्तमान गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। इसके साथ ही विधि-सम्मत आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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