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हजारीबाग स्थित केरेडारी के बटुका जंगल में शुक्रवार को पुलिस से मुठभेड़ में नक्सली सहदेव महतो उर्फ सुभाष उर्फ अनुज उसकी पत्नी नताशा समेत चार नक्सलियों को ढेर कर दिया गया। सहदेव महतो उर्फ सुभाष दा उर्फ अनुज 41 नक्सली कमांडों में वांछित था, जबकि उसकी पत्नी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली थाइपरागढ़ निवासी नताशा पर 17 मामले दर्ज थे। माओवादी संगठन के रिजिनल कमिटी मेंबर सहदेव महतो मूल रूप से केरेडारी के कुठान गांवका रहने वाला था। वह वर्ष 1998 में मात्र 14 वर्ष की उम्र में संगठन के बाद कला जत्था टीम में शामिल हुआ था। वह संगठन के सांस्कृतिक कार्यक्रम व क्रांतिकारी गीत के प्रस्तुति में माहिर था। बाद में इसे चाईबासा क्षेत्र में भेज दिया गया। चाईबासा जेल ब्रेक में 15 कैदी फरार हुए थे वह 2008 में गिरफ्तार हो गया। इसे चाईबासा जेल भेज दिया गया, लेकिन 2014 में 9 दिसंबर को चाईबासा जेल ब्रेक हुआ। जेल में बंद कैदियों ने कारा रक्षकों पर हमला कर दिया और 15 कैदी फरार हो गए। इसमे केरेडारी के सहदेव और जॉनसन उर्फ चन्द्र गंझू भी शामिल थे। सहदेव भागकर पुनः संगठन में चला गया। उसका लगातार संगठन में पद बढ़ता चला गया। वह बीच- बीच में केरेडारी थाना क्षेत्र के निरी, बटुका व खपिया जंगल में रहकर कंपनियों से लेवी लेने का प्रयास करता था। सहदेव आज से तीन वर्ष पूर्व संगठन में सबजोनल कमिटी मेंबर रही महाराष्ट्रा के गढ़चिरौली थाइपरागढ की नताशा से विवाह रचा लिया था। सहदेव पर 15 लाख का था इनाम
वर्तमान में झारखंड सरकार ने सहदेव पर 15 लाख का इनाम भी रखा था। इधर, सहदेव के परिवार में एक भाभी व उसके दो बच्ची हैं। पिता मती महतो व बड़े भाई कृष्णा का पूर्व में हीं निधन हो चुका है। बताया जाता है कि संगठन में जाने के बाद मात्र दो बार अपने घर आया था लेकिन घर-परिवार के लिए कोई काम नहीं किया। चाईबासा जेल ब्रेक कांड 9 दिसंबर 2014 को हुआ था। जेल से भाग रहे दो नक्सलियों को पुलिस ने मार गिराया था। उनमें दो सगे भाई रामविलास तांती व टीपा दास शामिल थे। वहीं, घायलों में सुखराम हेस्सा पुरती, करण चाकी वजोजो बारी थे। 15 नक्सली भागने में सफल रहे थे। फरार 15 नक्सलियों में एक जॉनसन गंझू उर्फ चंदर गंझू जेल ब्रेक में फरार होने के तीन महीने बाद ही मनोहरपुर के रोंगो गांव में ग्रामीणों के हाथों मारा गया था। इस जेल ब्रेक की साजिश सहदेव महतो ने ही रची थी। वह इतना शातिर था कि उसको झारखंड पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी।


