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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने आज राज्य के सभी 38 जिलों के अपर समाहर्ताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व विभाग की विभिन्न योजनाओं और लंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता वाले सभी राजस्व कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक विलंब या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। 15 अगस्त तक वासविहीन परिवारों को मिले जमीन बैठक में सचिव जय सिंह ने अभियान बसेरा के तहत चल रहे कार्यों की जिला-वार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 15 अगस्त 2026 तक सभी पात्र वासविहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने का लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाए। इसके लिए पात्र लाभार्थियों की पहचान, भूमि अभिलेखों का सत्यापन, बंदोबस्ती की प्रक्रिया और प्रमाण-पत्र वितरण जैसे सभी कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र परिवार को योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। राजस्व महा-अभियान के लंबित मामलों का जल्द करें निष्पादन समीक्षा बैठक में राजस्व महा-अभियान के तहत प्राप्त लंबित आवेदनों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोगों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और लंबित मामलों को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए। स्थानांतरित अधिकारियों को 9 जुलाई तक नई जगह योगदान देना होगा बैठक में हाल ही में स्थानांतरित अंचल अधिकारियों और सहायक बंदोबस्त पदाधिकारियों के विरमण और योगदान की भी समीक्षा की गई। सचिव ने निर्देश दिया कि सभी स्थानांतरित अधिकारी 9 जुलाई तक हर हाल में अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुलाई महीने का वेतन नए पदस्थापन वाले स्थान से ही देय होगा। साथ ही कहा कि स्थानांतरण की प्रक्रिया में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों। आरसीएमएस पर ऑनलाइन सुनवाई की तैयारी जल्द पूरी करें राजस्व सचिव ने आरसीएमएस (RCMS) पोर्टल के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन सुनवाई की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि आवश्यक तकनीकी संसाधन, उपकरण और अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था शीघ्र पूरी की जाए, ताकि ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था समय पर शुरू की जा सके और आम लोगों को अधिक पारदर्शी एवं सुविधाजनक सेवा मिल सके। नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय होगी बैठक के अंत में सचिव जय सिंह ने सभी अपर समाहर्ताओं को व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया।उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से कार्य करने की अपेक्षा जताई, ताकि आम लोगों को राजस्व सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।
