मधुबनी समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में सोमवार को पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में मासिक क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। यह बैठक शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक चली, जिसमें जिले के सभी एसडीपीओ, थाना अध्यक्ष, सर्किल इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिस अधिकारी म
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बैठक में एसपी ने मई माह में किए गए कार्यों और अपराध नियंत्रण से जुड़ी उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि मई माह में 950 मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित था, लेकिन पुलिस ने लगभग 1550 मामलों का निष्पादन कर लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की।
एसपी ने बताया कि जिले के 52 अनुसंधानकर्ताओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए निर्धारित लक्ष्य से अधिक मामलों का निष्पादन किया, जिनमें बेहतर कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को पुरस्कृत किया गया। वहीं लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियानों का सकारात्मक असर दिख रहा है। पिछले माह जिले में लूट की कोई घटना दर्ज नहीं हुई, जिसे पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
मई माह में आर्म्स एक्ट के तहत 25 मामले और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े 12 मामले दर्ज किए गए। एसपी ने कहा कि इन कार्रवाइयों से अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है।
बैठक में एक नई पावर प्वाइंट रिपोर्टिंग प्रणाली लागू करने की भी जानकारी दी गई, जिसके तहत थाना स्तर से घटनाओं और कार्रवाई की नियमित रिपोर्टिंग की जाएगी। इससे अपराध नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
एसपी ने सभी अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

