Friday, May 29, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

19 departments haven’t issued SOPs even after three months, leaving the dream of local self-governance unfulfilled.

  • Hindi News
  • Local
  • Jharkhand
  • Ranchi
  • PESA: 19 Departments Haven’t Issued SOPs Even After Three Months, Leaving The Dream Of Local Self governance Unfulfilled.

रांची21 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

झारखंड में आदिवासियों को जल-जंगल और जमीन का मालिकाना हक देने के लिए दो जनवरी को पेसा नियमावली लागू कर दी गई। लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण यह फाइलों में फंस कर रह गई है।

पंचायती राज विभाग ने मार्च 2026 में ही 19 प्रमुख विभागों को पत्र लिखकर पेसा के अनुरूप नियमों में संशोधन करने और एक महीने के भीतर एसओपी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। साथ ही पेसा के अनुपालन के लिए जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश देने को कहा गया था। लेकिन अब तक एक भी विभाग ने अपनी एसओपी नहीं दी। इससे नियमावली लागू होने के पांच माह बाद भी आदिवासियों का यह स्वशासन वाला सपना जमीन पर पूरी तरह नहीं उतर सका है।

गौरतलब है कि पांचवीं अनुसूची के तहत 13 जिले पूर्ण रूप से अनुसूचित क्षेत्र घोषित है। वहीं ​तीन अन्य जिले के कुछ इलाके भी इसके दायरे में आते हैं। -शेष पेज 7 पर

अधिकारियों-कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने की जरूरत

पेसा कानून को समझने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को ट्रे​निंग देने की जरूरत है। ट्रेनिंग के लिए वर्कशॉप चलाया जा रहा है, लेकिन वे समझा नहीं पा रहे हैं। इसके लिए बेहतर मास्टर ट्रेनर चुनना होगा, ताकि सही ढंग से ट्रेनिंग दी जा सके। सहायक सचिव का चुनाव ग्राम सभा के माध्यम से किया जाना था। लेकिन कई मामलों में ऐसा नहीं हुआ है। ग्राम सभा कोष के लिए भी कई स्थानों पर पंचायत स्तर से नाम भेज दिया गया है।

डीसी के स्तर पर भी लापरवाही : अनुसूचित क्षेत्रों में तीन माह में बनानी थी कमेटी, अब तक नहीं बनाई

पेसा नियमावली लागू होने के बाद अनुसूचित क्षेत्र के सभी डीसी को प्रखंड स्तर पर कमेटी बनानी थी। इस कमेटी को हर गांव में जाना था। ग्राम सभा के लिए सहायक सचिव का चुनाव कराना था। ग्राम सभा का सचिवालय तय करना था। जो टोला ग्राम सभा चाहते हैं, उनका सीमांकन करना था। लेकिन अधिकतर जिलों के डीसी ने अब तक कमेटी का गठन नहीं किया है।

निशा उरांवपूर्व पंचायत निदेशक, झारखंड

राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, वित्त विभाग, उत्पाद एवं मध्य निषेध विभाग, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, विधि विभाग, उद्योग विभाग, श्रम, नियोजन व कौशल विकास विभाग, जल संसाधन विभाग।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles