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कोडरमा के डोमचांच की रहने वाली 21 वर्षीय कुसुम शाह ने गौ सेवा के संकल्प के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की पैदल यात्रा शुरू की है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उन्होंने झुमरी तिलैया स्थित झरनाकुंड धाम से 21 लीटर जल लेकर यह लगभग 350 किलोमीटर की कठिन यात्रा आरंभ की। गुरुवार से सावन का पवित्र माह शुरू हो रहा है। कुसुम की यह यात्रा झरनाकुंड धाम से शुरू होकर सुल्तानगंज स्थित गंगा नदी के अजगैविनाथ धाम तक जाएगी। यहां वह पहले जलाभिषेक करेंगी, जिसके बाद गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेंगी। उनकी यात्रा का समापन बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के साथ होगा। झरनाकुंड धाम से सुल्तानगंज तक की लगभग 250 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए कुसुम कोडरमा, डोमचांच, नवलशाही, गिरिडीह के घोड़थम्बा, जमुआ और जमुई के चकाई जैसे क्षेत्रों से गुजरेंगी। सुल्तानगंज से वह 21 लीटर गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम तक लगभग 120 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी पैदल तय करेंगी। कुसुम ने बताया कि उन्होंने यह संकल्प कुछ वर्ष पहले अपने घर में पाली गई एक गाय की मृत्यु के बाद लिया था। गाय की मौत समय पर उपचार न मिलने के कारण हुई थी, जिससे वह बहुत आहत थीं। इस घटना के बाद, कुसुम ने पहले अयोध्या धाम की पदयात्रा की थी, जहां उन्होंने रास्ते में लोगों से गौ एम्बुलेंस की उपलब्धता की मांग की थी। अयोध्या से लौटने के बाद उनके घर की तीन और गायों की मृत्यु हो गई। इसके बादद, 2024 में उन्होंने यह वार्षिक संकल्प लिया कि वह हर सावन माह में झरनाकुंड से जल लेकर सुल्तानगंज और फिर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर तक पैदल यात्रा करेंगी। यात्रा के दौरान मां और बहन भी रहती हैं साथ
बताते चलें कि कुसुम के इस पैदल यात्रा में उनकी मां और उनकी बहन भी साथ रहती हैं। साथ ही उनके बाल गोपाल को उनकी मां अपने माथे साथ साथ चलती हैं। कुसुम ने कहा कि वैसे तो केवल मां और बहन ही साथ चलती हैं, लेकिन रास्ते में शिव और गौ भक्त मिलते जाते हैं, जिससे उन्हें हौशला मिलता है और वे आगे बढ़ते जाती हैं। 15 दिनों की यात्रा, प्रतिदिन 25-30 किलोमीटर का करेगी सफर तय
कुसुम ने बताया कि उसकी यह पैदल यात्रा करीब 15 दिनों की होगी। इस दौरान वह प्रतिदिन करीब 25 से 30 किलोमीटर की यात्रा करेंगी। उनकी यह पदयात्रा बताती है कि उम्र चाहे जो भी हो अगर हम दृढ़संकल्प के साथ किसी कार्य को ठान लेते हैं तो वह आसानी से पूरा हो जाता है। इधर, कुसुम का कहना है कि उसकी यह यात्रा तभी सफल हो पाएगी, जिस दिन उनका गौ सेवा का संकल्प पूरा हो जाएगा। उन्होंने स्थानीय विधायक, सांसद, जिला प्रशासन सहित सूबे के मुख्यमंत्री से मांग की है कि गौ रक्षा के लिए कोई ठोस पहल करें।
