Saturday, August 29, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

29 अगस्त से शुरू हो रहा है भाद्रपद माह, जानें अगले 15 दिनों में शुभ कार्यों पर रोक लगेगी या बदलेंगे नियम

[

Bhadrapada 2026: सावन पूर्णिमा के समापन के साथ ही 29 अगस्त से हिंदू पंचांग का छठा महीना यानी भाद्रपद (भादों) शुरू हो रहा है. धार्मिक दृष्टि से भादों का महीना आत्मसंयम, भक्ति और व्रत-त्योहारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या अगले 15 दिनों (कृष्ण पक्ष) में सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी या फिर केवल कुछ विशेष नियमों का पालन करना होगा? आइए आसान शब्दों में समझें इसका पूरा धार्मिक और व्यावहारिक गणित.

क्या अगले 15 दिन शुभ कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे?

भाद्रपद का पहला पखवाड़ा कृष्ण पक्ष कहलाता है. ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, चातुर्मास का हिस्सा होने के कारण इस पूरे महीने में विवाह, मुंडन, जनेऊ और नए गृह प्रवेश जैसे ‘मांगलिक कार्य’ वर्जित रहते हैं.

हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सभी काम रुक जाएंगे. दैनिक पूजा-पाठ, नए व्यापार की शुरुआत, वाहन या संपत्ति की खरीदारी और धार्मिक अनुष्ठान बिना किसी बाधा के किए जा सकते हैं. इस महीने में भगवान श्री कृष्ण, भगवान गणेश और भगवान शिव की आराधना विशेष फलदायी होती है.

भादों में क्यों बदल जाते हैं खान-पान और जीवनशैली के नियम?

भाद्रपद माह में बारिश का मौसम अपने अंतिम चरण में होता है, जिससे वातावरण में नमी और बैक्टीरिया का प्रभाव अधिक रहता है. आयुर्वेद और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह में पाचन तंत्र धीमा हो जाता है, इसलिए कई कड़े नियम बनाए गए हैं:

दही और छाछ का त्याग: भादों के महीने में दही, छाछ या इनसे बनी चीजों का सेवन पूरी तरह वर्जित माना गया है.

तामसिक भोजन से दूरी: लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन इस दौरान पाचन और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह माना जाता है.

गुड़ और हरी पत्तेदार सब्जियां: इस महीने में गुड़ का अधिक सेवन और कच्ची हरी सब्जियां खाने से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है.

भाद्रपद कृष्ण पक्ष के प्रमुख व्रत और त्योहार

भादों का शुरुआती पखवाड़ा बड़े धार्मिक पर्वों से भरा होता है, जो इसे आध्यात्मिक रूप से बेहद शुभ बनाते हैं:

  • कजरी तीज: सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए यह निर्जला व्रत रखती हैं.
  • श्री कृष्ण जन्माष्टमी: भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण का जन्मोत्सव पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है.
  • गोगा नवमी: जन्माष्टमी के अगले दिन लोकदेवता गोगा जी की पूजा की जाती है.
  • अजा एकादशी: पापों के नाश और आर्थिक संकटों से मुक्ति के लिए इस दिन व्रत रखा जाता है.

भाद्रपद माह मांगलिक कार्यों के उत्सव से ज्यादा आंतरिक शुद्धि, संयम और ईश्वर भक्ति का समय है. नियमों का पालन करते हुए खान-पान में सादगी रखें और भगवान श्री कृष्ण की आराधना करें.

जन्माष्टमी पर बना द्वापर युग जैसा दुर्लभ महासंयोग, क्या आपकी राशि भी है कान्हा की इन 5 लकी राशियों में शामिल?

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles