पूर्णिया में सेंट्रल बैंक से जुड़े सीएसपी के जरिए करोड़ों की ठगी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी सीएसपी संचालक जुबैर आलम के बेटे इंतेशार आलम को गिरफ्तार कर लिया है। ग्रामीण खाताधारकों के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद रौटा पुलिस ने यह कार्रवाई की है। रौटा स्थित सेंट्रल बैंक के सीएसपी सेंटर के माध्यम से पिछले करीब छह वर्षों से लाभुकों के खातों से फर्जी तरीके से रकम उड़ाने का खेल चल रहा था। जांच में अब तक 278 लोगों के खाते से करीब 3 करोड़ रुपए की निकासी की बात सामने आई। आरोप है कि सीएसपी संचालक जुबैर आलम ग्रामीणों को बैंकिंग सेवा देने के नाम पर बार-बार बायोमेट्रिक और अंगूठा लगवाता था। इसी दौरान खाताधारकों के खाते से मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और अन्य माध्यमों से रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। लंबे समय तक फर्जीवाड़े की भनक नहीं लगी ग्रामीणों का आरोप है कि निकाली गई राशि आरोपी के बेटे इंतेशार आलम, पत्नी रूमी नाज, दामाद परवेज आलम समेत करीबियों के खातों में भेजी गई। ग्रामीणों को लंबे समय तक इस फर्जीवाड़े की भनक तक नहीं लगी। जब लोग बैंक पहुंचे और पासबुक अपडेट कराया तो खाते से लाखों रुपए गायब मिले। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पीड़िता सुबांगी बेगम ने बताया कि उनके खाते से 14 लाख 57 हजार रुपए निकाल लिए गए। वहीं कई अन्य खाताधारकों ने भी लाखों रुपए की ठगी का आरोप लगाया है। खाते से पैसे निकाल लिए निकहत प्रवीन ने बताया कि सीएसपी पर हर बार अंगूठा लगवाया जाता था और बाद में कहा जाता था कि नेटवर्क नहीं है या ट्रांजेक्शन फेल हो गया। लेकिन बाद में पता चला कि उसी दौरान खाते से पैसे निकाल लिए जाते थे। मधु कुमारी ने कहा कि गरीब परिवारों ने मेहनत से जमा की गई पूरी पूंजी गंवा दी है। मामला सामने आने के बाद आरोपी सीएसपी संचालक जुबैर आलम केंद्र बंद कर फरार हो गया था। कार्रवाई में देरी से नाराज ग्रामीणों ने बैसा शाखा के पास एनएच-99 बहादुरगंज-बायसी स्टेट हाईवे को करीब दो घंटे तक जाम कर प्रदर्शन किया था। सड़क जाम के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। सख्त कार्रवाई का मिला था आश्वासन सूचना मिलने पर एसडीओ अभिषेक रंजन, एसडीपीओ जितेंद्र पांडेय, बीडीओ राजकुमार चौधरी और रौटा थानाध्यक्ष कुमार कुणाल सौरव मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ। अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी के बेटे इंतेशार आलम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले में कई और लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। साथ ही ठगी की रकम और बैंकिंग ट्रांजेक्शन का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों की राशि जल्द वापस दिलाने की मांग की है।
3 करोड़ की ठगी मामले में पहली गिरफ्तारी:फरार बैंक ऑफ इंडिया के सीएसपी संचालक का बेटा गिरफ्तार, 6 साल से चल रहा था खेल
पूर्णिया में सेंट्रल बैंक से जुड़े सीएसपी के जरिए करोड़ों की ठगी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी सीएसपी संचालक जुबैर आलम के बेटे इंतेशार आलम को गिरफ्तार कर लिया है। ग्रामीण खाताधारकों के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद रौटा पुलिस ने यह कार्रवाई की है। रौटा स्थित सेंट्रल बैंक के सीएसपी सेंटर के माध्यम से पिछले करीब छह वर्षों से लाभुकों के खातों से फर्जी तरीके से रकम उड़ाने का खेल चल रहा था। जांच में अब तक 278 लोगों के खाते से करीब 3 करोड़ रुपए की निकासी की बात सामने आई। आरोप है कि सीएसपी संचालक जुबैर आलम ग्रामीणों को बैंकिंग सेवा देने के नाम पर बार-बार बायोमेट्रिक और अंगूठा लगवाता था। इसी दौरान खाताधारकों के खाते से मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और अन्य माध्यमों से रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। लंबे समय तक फर्जीवाड़े की भनक नहीं लगी ग्रामीणों का आरोप है कि निकाली गई राशि आरोपी के बेटे इंतेशार आलम, पत्नी रूमी नाज, दामाद परवेज आलम समेत करीबियों के खातों में भेजी गई। ग्रामीणों को लंबे समय तक इस फर्जीवाड़े की भनक तक नहीं लगी। जब लोग बैंक पहुंचे और पासबुक अपडेट कराया तो खाते से लाखों रुपए गायब मिले। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पीड़िता सुबांगी बेगम ने बताया कि उनके खाते से 14 लाख 57 हजार रुपए निकाल लिए गए। वहीं कई अन्य खाताधारकों ने भी लाखों रुपए की ठगी का आरोप लगाया है। खाते से पैसे निकाल लिए निकहत प्रवीन ने बताया कि सीएसपी पर हर बार अंगूठा लगवाया जाता था और बाद में कहा जाता था कि नेटवर्क नहीं है या ट्रांजेक्शन फेल हो गया। लेकिन बाद में पता चला कि उसी दौरान खाते से पैसे निकाल लिए जाते थे। मधु कुमारी ने कहा कि गरीब परिवारों ने मेहनत से जमा की गई पूरी पूंजी गंवा दी है। मामला सामने आने के बाद आरोपी सीएसपी संचालक जुबैर आलम केंद्र बंद कर फरार हो गया था। कार्रवाई में देरी से नाराज ग्रामीणों ने बैसा शाखा के पास एनएच-99 बहादुरगंज-बायसी स्टेट हाईवे को करीब दो घंटे तक जाम कर प्रदर्शन किया था। सड़क जाम के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। सख्त कार्रवाई का मिला था आश्वासन सूचना मिलने पर एसडीओ अभिषेक रंजन, एसडीपीओ जितेंद्र पांडेय, बीडीओ राजकुमार चौधरी और रौटा थानाध्यक्ष कुमार कुणाल सौरव मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ। अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी के बेटे इंतेशार आलम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले में कई और लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। साथ ही ठगी की रकम और बैंकिंग ट्रांजेक्शन का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों की राशि जल्द वापस दिलाने की मांग की है।
