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जमशेदपुर साइबर अपराध थाना पुलिस ने एक एनजीओ से 3 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह ठगी सीएसआर फंड दिलाने का झांसा देकर की गई थी। इस मामले में रीना पाण्डेय के लिखित आवेदन पर 18 जून को साइबर थाना में आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें दो नामजद और अन्य अज्ञात आरोपी शामिल थे। सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि आरोपियों ने वादिनी के एनजीओ को सीएसआर फंड दिलाने का लालच दिया। इसके बाद एक्सिस बैंक में संस्था का करंट खाता खुलवाया गया। सत्यापन के बहाने आरोपियों ने खाते से संबंधित चेकबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए। जांच में सामने आया कि आरोपी अमन कुमार सिंह उर्फ रघु ने 22 दिसंबर 2025 को वादिनी को बहला-फुसलाकर चेकबुक और सिम कार्ड लखनऊ ले गया। वहां उसने अपने अन्य साइबर अपराधी साथियों के साथ मिलकर महज पांच दिनों में करीब तीन करोड़ रुपये का जमा और निकासी कर संगठित साइबर अपराध को अंजाम दिया। अनुसंधान में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी अक्टूबर 2025 में ही वादिनी की ईमेल आईडी और इंटरनेट बैंकिंग का एक्सेस अपने मोबाइल में ले चुका था। इसी एक्सेस का उपयोग करके पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 29 वर्षीय अमन कुमार सिंह उर्फ रघु के रूप में हुई है, जो देवरिया (उत्तर प्रदेश) का निवासी है और वर्तमान में आदित्यपुर, सरायकेला-खरसावां में रहता है। पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।


