बीसीसीएल की मुनीडीह कोल वाशरी में शनिवार शाम करीब 5 बजे अचानक 40 फीट ऊंची स्लरी का डंप भरभराकर ढह गया। अचानक गिरी स्लरी में चार मजदूर दब गए। डेढ़ घंटे बाद जब मजदूरों को निकाला गया तो वे मृत मिले। मृतकों में गोपीनाथपुर के माणिक बाउरी व दिनेश बाउरी, समसिखरा के दीपक बाउरी और कपूरिया के हेमलाल यादव उर्फ मोईड़ा गोप शामिल हैं। वहां मौजूद अन्य लोगों ने बताया कि ठेकेदार के एजेंट ने मजदूरों की चेतावनी को अनसुना कर उन्हें जबरन खतरनाक डंप के नीचे काम करने पर मजबूर किया था। घटना के वक्त वहां लगभग 35 मजदूर काम कर रहे थे। हादसे के बाद तीन जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर चारों शव निकाले गए। मुआवजा, नौकरी और तत्काल मदद के बाद माने घटना के बाद ठेकेदार का एजेंट और ट्रांसपोर्टर मौके से फरार हो गए। इससे भड़के ग्रामीणों और परिजनों ने शवों को वाशरी गेट पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने मौके पर पहुंची एम्बुलेंस को वहां से खदेड़ दिया। देर रात हुई वार्ता में मृतक के परिजनों को 20-20 लाख मुआवजा, आउटसोर्सिंग कंपनी में नौकरी और अंतिम संस्कार के लिए अलग से 50 हजार रुपए भुगतान पर सहमति बनी। जिसके बाद आंदोलन समाप्त हो गया। इधर, बीसीसीएल के डायरेक्टर टेक्निकल (ओपी) संजय कुमार सिंह ने कहा कि सभी मृतक डीओ होल्डर के आदमी थे। घटना की जांच करा दोषियो पर कार्रवाई की जाएगी। हेलमेट और सुरक्षा उपकरणों के बगैर भेजा वहां मौजूद मजदूर जीतेंद्र ने बताया-एजेंट सुनील करीब 30-35 मजदूरों से स्लरी लोड करवा रहा था। बेहतर क्वालिटी की स्लरी निकालने के लिए उसने मजदूरों को उस डंप के पास भेजा, जो पहले से ही खतरनाक स्थिति में था। वाशरी में 40-50 फीट ऊंचे डंप के नीचे सुरक्षा घेरा या मानकों की भी अनदेखी की गई। स्लरी लोडिंग प्वाइंट पर मजदूरों के पास न तो हेलमेट थे और न ही सुरक्षा के अन्य उपकरण। खतरे की आशंका जताते हुए मजदूरों ने मना भी किया था, लेकिन एजेंट के दबाव में काम करना पड़ा। जैसे ही खुदाई शुरू हुई, भारी मलबा गिर गया। मुंशी ने कहा-माल निकालो, नहीं तो पैसा नहीं मिलेगा’ डंप स्लरी हादसे में चार पुरुषों के साथ महिला मजदूर सुनीता भी दब गई। साथी लोडरों के भाग निकलने के बाद भी सुनीता ने हिम्मत नहीं हारी। उनका शरीर गर्दन तक स्लरी में दबा था। बाद में वह किसी तरह बाहर निकली। चश्मदीद व भुक्तभोगी सुनीता ने बताया-घटना के लिए डीओ होल्डर का ट्रांसपोर्टर सुनील पासवान जिम्मेदार है। कई बार मुंशी को आगाह किया गया था कि ऊपर से स्लरी कभी भी धंस सकती है, लेकिन मुंशी ने उल्टा दबाव बनाया। कहा कि दूसरी तरफ अच्छा माल नहीं है। इसी गड्ढे से निकालो, नहीं तो पैसा नहीं मिलेगा। इधर, पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण स्लरी का ऊंचा स्टॉक ढीला पड़ गया था, जिससे हादसा हुआ। ——————————————— इसे भी पढ़ें… धनबाद-कोयला खदान में स्लरी ढहने से 4 मजदूरों की मौत:कोल वाशरी में स्लरी लोडिंग कर रहे थे, मलबे का बड़ा हिस्सा गिरने से हादसा झारखंड के धनबाद में शनिवार को कोयला स्लरी (कोयले का पाउडर) धंस गई, जिससे 4 मजदूरों की मौत हो गई। ये सभी मजदूर मुनीडीह में BCCL की कोल वाशरी में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मलबा गिर गया। आसपास के मजदूरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव काम शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा। मलबा हटाकर चारों मजदूरों के शव बाहर निकाले गए। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मृतक की पहचान प्रेम बाउरी, माणिक बाउरी, दीपक बाउरी और नारायण यादव के रूप में की गई है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
40 फीट ऊंचा स्लरी डंप गिरा, 4 मजदूर दबकर मरे:धनबाद में एजेंट ने कहा- काम करो नहीं तो पैसे नहीं मिलेंगे, दबाव में कर रहे थे काम
बीसीसीएल की मुनीडीह कोल वाशरी में शनिवार शाम करीब 5 बजे अचानक 40 फीट ऊंची स्लरी का डंप भरभराकर ढह गया। अचानक गिरी स्लरी में चार मजदूर दब गए। डेढ़ घंटे बाद जब मजदूरों को निकाला गया तो वे मृत मिले। मृतकों में गोपीनाथपुर के माणिक बाउरी व दिनेश बाउरी, समसिखरा के दीपक बाउरी और कपूरिया के हेमलाल यादव उर्फ मोईड़ा गोप शामिल हैं। वहां मौजूद अन्य लोगों ने बताया कि ठेकेदार के एजेंट ने मजदूरों की चेतावनी को अनसुना कर उन्हें जबरन खतरनाक डंप के नीचे काम करने पर मजबूर किया था। घटना के वक्त वहां लगभग 35 मजदूर काम कर रहे थे। हादसे के बाद तीन जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर चारों शव निकाले गए। मुआवजा, नौकरी और तत्काल मदद के बाद माने घटना के बाद ठेकेदार का एजेंट और ट्रांसपोर्टर मौके से फरार हो गए। इससे भड़के ग्रामीणों और परिजनों ने शवों को वाशरी गेट पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने मौके पर पहुंची एम्बुलेंस को वहां से खदेड़ दिया। देर रात हुई वार्ता में मृतक के परिजनों को 20-20 लाख मुआवजा, आउटसोर्सिंग कंपनी में नौकरी और अंतिम संस्कार के लिए अलग से 50 हजार रुपए भुगतान पर सहमति बनी। जिसके बाद आंदोलन समाप्त हो गया। इधर, बीसीसीएल के डायरेक्टर टेक्निकल (ओपी) संजय कुमार सिंह ने कहा कि सभी मृतक डीओ होल्डर के आदमी थे। घटना की जांच करा दोषियो पर कार्रवाई की जाएगी। हेलमेट और सुरक्षा उपकरणों के बगैर भेजा वहां मौजूद मजदूर जीतेंद्र ने बताया-एजेंट सुनील करीब 30-35 मजदूरों से स्लरी लोड करवा रहा था। बेहतर क्वालिटी की स्लरी निकालने के लिए उसने मजदूरों को उस डंप के पास भेजा, जो पहले से ही खतरनाक स्थिति में था। वाशरी में 40-50 फीट ऊंचे डंप के नीचे सुरक्षा घेरा या मानकों की भी अनदेखी की गई। स्लरी लोडिंग प्वाइंट पर मजदूरों के पास न तो हेलमेट थे और न ही सुरक्षा के अन्य उपकरण। खतरे की आशंका जताते हुए मजदूरों ने मना भी किया था, लेकिन एजेंट के दबाव में काम करना पड़ा। जैसे ही खुदाई शुरू हुई, भारी मलबा गिर गया। मुंशी ने कहा-माल निकालो, नहीं तो पैसा नहीं मिलेगा’ डंप स्लरी हादसे में चार पुरुषों के साथ महिला मजदूर सुनीता भी दब गई। साथी लोडरों के भाग निकलने के बाद भी सुनीता ने हिम्मत नहीं हारी। उनका शरीर गर्दन तक स्लरी में दबा था। बाद में वह किसी तरह बाहर निकली। चश्मदीद व भुक्तभोगी सुनीता ने बताया-घटना के लिए डीओ होल्डर का ट्रांसपोर्टर सुनील पासवान जिम्मेदार है। कई बार मुंशी को आगाह किया गया था कि ऊपर से स्लरी कभी भी धंस सकती है, लेकिन मुंशी ने उल्टा दबाव बनाया। कहा कि दूसरी तरफ अच्छा माल नहीं है। इसी गड्ढे से निकालो, नहीं तो पैसा नहीं मिलेगा। इधर, पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण स्लरी का ऊंचा स्टॉक ढीला पड़ गया था, जिससे हादसा हुआ। ——————————————— इसे भी पढ़ें… धनबाद-कोयला खदान में स्लरी ढहने से 4 मजदूरों की मौत:कोल वाशरी में स्लरी लोडिंग कर रहे थे, मलबे का बड़ा हिस्सा गिरने से हादसा झारखंड के धनबाद में शनिवार को कोयला स्लरी (कोयले का पाउडर) धंस गई, जिससे 4 मजदूरों की मौत हो गई। ये सभी मजदूर मुनीडीह में BCCL की कोल वाशरी में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मलबा गिर गया। आसपास के मजदूरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव काम शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा। मलबा हटाकर चारों मजदूरों के शव बाहर निकाले गए। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मृतक की पहचान प्रेम बाउरी, माणिक बाउरी, दीपक बाउरी और नारायण यादव के रूप में की गई है। यहां पढ़ें पूरी खबर…


