अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कैमूर में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इटाढ़ी स्थित संयुक्त श्रम भवन में बाल श्रम के विरुद्ध शपथ ग्रहण कार्यक्रम हुआ, जिसमें श्रम अधीक्षक, सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी और कार्यालय कर्मी शामिल हुए। इसके बाद जिले में बाल श्रम के खिलाफ व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस वर्ष की अंतर्राष्ट्रीय थीम “बाल श्रम को लाल कार्ड” पर भेकास स्थित महिला आईटीआई में एक चित्रकारी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। बाल श्रम उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ दिलाई श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों ने नवरंगराय एग्रो, यश लक्ष्मी इकोपैक और पतंजलि बिस्किट फैक्ट्री जैसे विभिन्न प्रतिष्ठानों का भी भ्रमण कर जागरूकता अभियान चलाया। लिच्छवी भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में श्रम अधीक्षक श्री चंदन कुमार ने सभी पदाधिकारियों और सहभागियों को बाल श्रम उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ दिलाई। श्रम अधीक्षक ने इस अवसर पर सचेत किया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना और 14 से 18 वर्ष के किशोरों से जोखिम भरे कार्य कराना कानूनन संज्ञेय अपराध है। बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 के तहत दोषी पाए जाने पर नियोक्ता को 2 वर्ष तक का कारावास और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
कैमूर में बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता रथ रवाना:इंटरनेशनल प्रोहिबिशन डे पर शपथ, उल्लंघन पर 2 साल जेल
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कैमूर में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इटाढ़ी स्थित संयुक्त श्रम भवन में बाल श्रम के विरुद्ध शपथ ग्रहण कार्यक्रम हुआ, जिसमें श्रम अधीक्षक, सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी और कार्यालय कर्मी शामिल हुए। इसके बाद जिले में बाल श्रम के खिलाफ व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस वर्ष की अंतर्राष्ट्रीय थीम “बाल श्रम को लाल कार्ड” पर भेकास स्थित महिला आईटीआई में एक चित्रकारी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। बाल श्रम उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ दिलाई श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों ने नवरंगराय एग्रो, यश लक्ष्मी इकोपैक और पतंजलि बिस्किट फैक्ट्री जैसे विभिन्न प्रतिष्ठानों का भी भ्रमण कर जागरूकता अभियान चलाया। लिच्छवी भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में श्रम अधीक्षक श्री चंदन कुमार ने सभी पदाधिकारियों और सहभागियों को बाल श्रम उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ दिलाई। श्रम अधीक्षक ने इस अवसर पर सचेत किया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना और 14 से 18 वर्ष के किशोरों से जोखिम भरे कार्य कराना कानूनन संज्ञेय अपराध है। बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 के तहत दोषी पाए जाने पर नियोक्ता को 2 वर्ष तक का कारावास और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।


