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बिहार नर्सरीमेन एसोसिएशन की ओर से शनिवार को आशियाना-दीघा रोड स्थित बधाई बैंक्वेट हॉल में दो दिवसीय द्वितीय ग्रैंड मैंगो फेस्टिवल का शुभारंभ हुआ। महोत्सव का उद्घाटन बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किया। प्रोग्राम 14 जून तक चलेगा। जिसमें देश-विदेश की 100 से अधिक दुर्लभ और प्रीमियम आम की किस्मों की प्रदर्शनी लगाई गई है। बिहार नर्सरीमेन एसोसिएशन के अध्यक्ष एके मणि ने बताया कि महोत्सव में सबसे अधिक लोगों की रुचि जापान के प्रसिद्ध मियाजाकी आम को लेकर है। उन्होंने कहा कि यह आम अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक समय ढाई लाख से 3 लाख रुपए प्रति किलो तक बिका है। महोत्सव में इसे लगभग ₹3000 प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा कई विदेशी और इम्पोर्टेड किस्मों के आम और उनके पौधे भी बिक्री के लिए हैं। पटना से महोत्सव देखने पहुंचे नरेश प्रसाद ने बताया कि एक ही स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में आम की विभिन्न किस्में और पौधें पहली बार देखने को मिला है। कीटनाशकों का कम से कम उपयोग करना चाहिए- मंत्री कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आम केवल एक फल नहीं बल्कि भारतीय और सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर सांस्कृतिक आयोजनों तक आम के पत्तों का विशेष महत्व है। उन्होंने किसानों और बागवानों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि फसलों में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का कम से कम उपयोग करना चाहिए। प्राकृतिक खेती से लोगों को स्वस्थ जीवन मिलेगा और डॉक्टरों व अस्पतालों पर निर्भरता भी कम होगी। विजय कुमार सिन्हा ने पंक्ति कहा, “मीठा-मीठा ताजा आम, सभी फलों का राजा आम”।
महोत्सव में उपलब्ध आम महोत्सव में मियाजाकी, रेड आइवरी, आर2ई2, बारी-4, कैटिमोन, सेंसेशन, सिंधु सीडलैस, अल्फांसो, जर्दालू, गुलाबखास, लंगड़ा और मालदह समेत 100 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं। बिहार सहित कई राज्यों के किसान, नर्सरी संचालक और उद्यानिकी विशेषज्ञ भी आयोजन में भाग ले रहे हैं।
आम चखने और पौधे खरीदने का मौका महोत्सव में आने वाले लोग विभिन्न किस्मों के आमों का स्वाद चख रहे हैं। वहीं किसानों और नर्सरी संचालकों की ओर से लगाए गए स्टॉलों से फलदार पौधे और दुर्लभ आमों की किस्में भी खरीद रहे हैं। आयोजन स्थल पर आम की खेती, पौध प्रबंधन और बागवानी से जुड़ी जानकारी भी दी जा रही है। कई संस्थानों का मिल रहा सहयोग महोत्सव के संचालन और ब्रांडिंग की जिम्मेदारी ग्रीन शेल्टर नर्सरी को सौंपी गई है, जबकि ग्रीन जिंजर पटना आधिकारिक फूड पार्टनर है। आयोजन में भारत नर्सरी (हाजीपुर), कुशवाहा नर्सरी (पूसा), हरियाली नर्सरी (मुजफ्फरपुर), सीताराम नर्सरी (हाजीपुर), जयश्री नर्सरी (बिहटा) और मानस एग्री बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड (पटना) सहित कई संस्थान सहयोग कर रहे हैं।
किसानों-युवाओं के लिए ज्ञान का मंच बिहार नर्सरीमेन एसोसिएशन का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य बिहार की आम विरासत, उद्यानिकी क्षेत्र, नर्सरी उद्योग और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देना है। साथ ही किसानों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और उद्यमियों के बीच नई तकनीकों और अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए मंच उपलब्ध कराना है।

