बक्सर जिले में 132 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर की कथित चोरी के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जमीन मालिक ने ही किराए का भुगतान न होने और कंपनी की लापरवाही से परेशान होकर पूरा टॉवर बेच दिया था। पुलिस ने इस मामले में 15 केवीए का डीजल जनरेटर बरामद किया है, जबकि टॉवर के अन्य हिस्सों की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है। यह मामला तब सामने आया जब जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की एक टीम 2 जून को बंद पड़े मोबाइल टॉवर को फिर से चालू करने के लिए स्थल निरीक्षण पर पहुंची। मौके पर पहुंचने पर टीम ने पाया कि 132 फीट ऊंचा टॉवर पूरी तरह गायब था। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने डुमरांव थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ टॉवर चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस को कई संदिग्ध तथ्य मिले मामले की गंभीरता को देखते हुए शुभम आर्य के निर्देश पर पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पुलिस को कई संदिग्ध तथ्य मिले। जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि जिस जमीन पर टॉवर लगा था, उसके मालिक हरिनारायण यादव ने ही टॉवर को बिकवाया था। पुलिस पूछताछ में हरिनारायण यादव ने स्वीकार किया कि कंपनी ने वर्ष 2017 से उनकी जमीन का किराया देना बंद कर दिया था। उन्होंने बताया कि कंपनी के साथ जमीन का समझौता वर्ष 2022 में समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद कंपनी ने न तो जमीन खाली की और न ही बकाया किराया चुकाया। उन्होंने कई बार कंपनी को सूचित किया और पांच बार कानूनी नोटिस भी भेजे, लेकिन कंपनी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। खुद जमीन खाली कराने का फैसला किया हरिनारायण यादव ने बताया कि कंपनी की लगातार अनदेखी से परेशान होकर उन्होंने खुद जमीन खाली कराने का फैसला किया और धीरे-धीरे पूरे टॉवर को बेच दिया। टॉवर को खोलने में लगभग छह दिन का समय लगा। शुरुआत में उन्होंने पुलिस को जानकारी न होने की बात कही थी, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आने के बाद उन्होंने पूरा मामला स्वीकार कर लिया। इस संबंध में एसपी शुभम आर्य ने बताया कि पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जमीन मालिक और कंपनी के बीच पैसे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण जमीन मालिक ने कुछ लोगों की मदद लेकर जमीन से पूरा टॉवर हटवा दिया। 15 केवीए का डीजल जनरेटर बरामद कर लिया पुलिस ने डुमरांव थाना क्षेत्र से 15 केवीए का डीजल जनरेटर बरामद कर लिया है। टॉवर के बाकी पार्ट्स और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान तथा बरामदगी को लेकर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इस पूरे मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि वर्षों तक किराया नहीं मिलने और कंपनी की लापरवाही किस तरह एक बड़े कानूनी विवाद में बदल गई, जिसे शुरुआत में पुलिस और कंपनी दोनों ने हाई-प्रोफाइल चोरी समझ लिया था।
जमीन मालिक ने बेचा 132 फीट ऊंचा मोबाइल टॉवर:बक्सर में जनरेटर बरामद, बाकी सामान की तलाश में छापेमारी जारी
बक्सर जिले में 132 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर की कथित चोरी के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जमीन मालिक ने ही किराए का भुगतान न होने और कंपनी की लापरवाही से परेशान होकर पूरा टॉवर बेच दिया था। पुलिस ने इस मामले में 15 केवीए का डीजल जनरेटर बरामद किया है, जबकि टॉवर के अन्य हिस्सों की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है। यह मामला तब सामने आया जब जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की एक टीम 2 जून को बंद पड़े मोबाइल टॉवर को फिर से चालू करने के लिए स्थल निरीक्षण पर पहुंची। मौके पर पहुंचने पर टीम ने पाया कि 132 फीट ऊंचा टॉवर पूरी तरह गायब था। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने डुमरांव थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ टॉवर चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस को कई संदिग्ध तथ्य मिले मामले की गंभीरता को देखते हुए शुभम आर्य के निर्देश पर पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पुलिस को कई संदिग्ध तथ्य मिले। जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि जिस जमीन पर टॉवर लगा था, उसके मालिक हरिनारायण यादव ने ही टॉवर को बिकवाया था। पुलिस पूछताछ में हरिनारायण यादव ने स्वीकार किया कि कंपनी ने वर्ष 2017 से उनकी जमीन का किराया देना बंद कर दिया था। उन्होंने बताया कि कंपनी के साथ जमीन का समझौता वर्ष 2022 में समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद कंपनी ने न तो जमीन खाली की और न ही बकाया किराया चुकाया। उन्होंने कई बार कंपनी को सूचित किया और पांच बार कानूनी नोटिस भी भेजे, लेकिन कंपनी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। खुद जमीन खाली कराने का फैसला किया हरिनारायण यादव ने बताया कि कंपनी की लगातार अनदेखी से परेशान होकर उन्होंने खुद जमीन खाली कराने का फैसला किया और धीरे-धीरे पूरे टॉवर को बेच दिया। टॉवर को खोलने में लगभग छह दिन का समय लगा। शुरुआत में उन्होंने पुलिस को जानकारी न होने की बात कही थी, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आने के बाद उन्होंने पूरा मामला स्वीकार कर लिया। इस संबंध में एसपी शुभम आर्य ने बताया कि पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जमीन मालिक और कंपनी के बीच पैसे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण जमीन मालिक ने कुछ लोगों की मदद लेकर जमीन से पूरा टॉवर हटवा दिया। 15 केवीए का डीजल जनरेटर बरामद कर लिया पुलिस ने डुमरांव थाना क्षेत्र से 15 केवीए का डीजल जनरेटर बरामद कर लिया है। टॉवर के बाकी पार्ट्स और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान तथा बरामदगी को लेकर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इस पूरे मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि वर्षों तक किराया नहीं मिलने और कंपनी की लापरवाही किस तरह एक बड़े कानूनी विवाद में बदल गई, जिसे शुरुआत में पुलिस और कंपनी दोनों ने हाई-प्रोफाइल चोरी समझ लिया था।


