कटिहार में जीएनएम (GNM) नर्सिंग की छात्राओं ने बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिक्षण व्यवस्था में अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कटिहार-पूर्णिया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। छात्राओं के इस प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारी छात्राओं ने जीएनएम स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कई विषयों की कक्षाएं महीनों से नहीं लगी हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। छात्राओं ने प्रयोगशाला में खराब उपकरणों और प्रैक्टिकल की उचित व्यवस्था न होने की भी शिकायत की। उन्होंने संस्थान में पानी, बिजली और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव का भी जिक्र किया। इंटरनल मार्क्स में भी भेदभाव किए जाने का आरोप छात्राओं ने एक शिक्षिका पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने और अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया। उनके अनुसार, इससे पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है। कुछ छात्राओं ने आंतरिक अंकों (इंटरनल मार्क्स) में भी भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। छात्राओं ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी मांगों को पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि फीस देने के बावजूद पढ़ाई नहीं हो रही है, जिससे उनका भविष्य अनिश्चित दिख रहा है। छात्राओं ने स्पष्ट किया कि जब तक प्राचार्य और सिविल सर्जन द्वारा लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, वे सड़क जाम समाप्त नहीं करेंगी। लगभग दो घंटे तक सड़क जाम रही प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सदर एसडीपीओ, सहायक थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। लगभग दो घंटे तक सड़क जाम रही। अधिकारियों द्वारा तीन दिनों के भीतर जांच कमेटी गठित कर कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद छात्राओं ने जाम समाप्त कर दिया। सिविल सर्जन ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं। सिविल सर्जन कटिहार ने कहा कि GNM स्कूल की व्यवस्था की जांच के लिए टीम गठित की जा रही है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा जाएगा। शिक्षिका पर लगे आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन के कारण मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस भी जाम में फंसी रही। छात्राओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
कटिहार में GNM छात्राओं ने सड़क जाम की:शिक्षकों की कमी और भेदभाव के आरोप पर प्रोटेस्ट
कटिहार में जीएनएम (GNM) नर्सिंग की छात्राओं ने बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिक्षण व्यवस्था में अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कटिहार-पूर्णिया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। छात्राओं के इस प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारी छात्राओं ने जीएनएम स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कई विषयों की कक्षाएं महीनों से नहीं लगी हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। छात्राओं ने प्रयोगशाला में खराब उपकरणों और प्रैक्टिकल की उचित व्यवस्था न होने की भी शिकायत की। उन्होंने संस्थान में पानी, बिजली और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव का भी जिक्र किया। इंटरनल मार्क्स में भी भेदभाव किए जाने का आरोप छात्राओं ने एक शिक्षिका पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने और अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया। उनके अनुसार, इससे पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है। कुछ छात्राओं ने आंतरिक अंकों (इंटरनल मार्क्स) में भी भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। छात्राओं ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी मांगों को पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि फीस देने के बावजूद पढ़ाई नहीं हो रही है, जिससे उनका भविष्य अनिश्चित दिख रहा है। छात्राओं ने स्पष्ट किया कि जब तक प्राचार्य और सिविल सर्जन द्वारा लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, वे सड़क जाम समाप्त नहीं करेंगी। लगभग दो घंटे तक सड़क जाम रही प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सदर एसडीपीओ, सहायक थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। लगभग दो घंटे तक सड़क जाम रही। अधिकारियों द्वारा तीन दिनों के भीतर जांच कमेटी गठित कर कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद छात्राओं ने जाम समाप्त कर दिया। सिविल सर्जन ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं। सिविल सर्जन कटिहार ने कहा कि GNM स्कूल की व्यवस्था की जांच के लिए टीम गठित की जा रही है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा जाएगा। शिक्षिका पर लगे आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन के कारण मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस भी जाम में फंसी रही। छात्राओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

