मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर (विशेष मतदाता सूची संशोधन) के लिए मैपिंग या इन्यूमरेशन (गणना) के दौरान वोटरों को कोई भी दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है। इन्यूमरेशन के समय मतदाताओं को सिर्फ भरा हुआ और हस्ताक्षरित इन्यूमरेशन फॉर्म और उसके साथ अपनी एक नवीनतम रंगीन फोटो बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को देनी होगी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यह व्यवस्था मतदाताओं की सुविधा, प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए की गई है। सीईओ ने कहा कि यदि आपका या आपके माता-पिता का नाम पिछली एसआईआर मतदाता सूची में दर्ज है, तो इसे पहले से ही पात्रता का प्रमाण माना जाएगा। ऐसे में बीएलओ आपसे किसी अन्य प्रमाण-पत्र की मांग नहीं करेंगे। (शेष पेज 8 पर) प्रक्रिया को समझें: कब और कौन से दस्तावेज होंगे मान्य? 1. इन्यूमरेशन फेज (गणना चरण) में क्या होगा? आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि इस चरण में किसी भी मतदाता से कोई दस्तावेज (जैसे जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि) नहीं लिया जाएगा। बीएलओ का काम केवल घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करना और इन्यूमरेशन फॉर्म पर आपकी नवीनतम रंगीन फोटो के साथ जानकारी को अपडेट करना है। 2. दस्तावेज कब देने होंगे? ड्राफ्ट रोल (प्रारूप मतदाता सूची) के प्रकाशन के बाद, यदि ईआरओ (निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी) द्वारा किसी मतदाता की पात्रता को लेकर कोई संदेह जताया जाता है और उन्हें नोटिस जारी किया जाता है, तभी मतदाता को अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। ये दस्तावेज होंगे मान्य: यदि नोटिस मिलता है, तो सत्यापन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज मान्य माने जाएंगे: पहचान पत्र: पहचान के प्रमाण के रूप में मान्य दस्तावेज (ध्यान रहे, यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है)। आयु प्रमाण-पत्र: सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, या मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी 10वीं का सर्टिफिकेट। निवास प्रमाण-पत्र: सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र। अन्य दस्तावेज: वन अधिकार प्रमाण पत्र, ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र, नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (जहां लागू हो), परिवार रजिस्टर, सरकार/बैंक/एलआईसी/पीएसयू द्वारा 01.07.1987 से पहले जारी कोई पहचान पत्र या दस्तावेज, तथा जमीन या मकान के आवंटन से संबंधित सरकारी दस्तावेज।
एसआईआर: मैपिंग ओर गणना के दौरान वोटरों को दस्तावेज देने की जरूरत नहीं
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर (विशेष मतदाता सूची संशोधन) के लिए मैपिंग या इन्यूमरेशन (गणना) के दौरान वोटरों को कोई भी दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है। इन्यूमरेशन के समय मतदाताओं को सिर्फ भरा हुआ और हस्ताक्षरित इन्यूमरेशन फॉर्म और उसके साथ अपनी एक नवीनतम रंगीन फोटो बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को देनी होगी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यह व्यवस्था मतदाताओं की सुविधा, प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए की गई है। सीईओ ने कहा कि यदि आपका या आपके माता-पिता का नाम पिछली एसआईआर मतदाता सूची में दर्ज है, तो इसे पहले से ही पात्रता का प्रमाण माना जाएगा। ऐसे में बीएलओ आपसे किसी अन्य प्रमाण-पत्र की मांग नहीं करेंगे। (शेष पेज 8 पर) प्रक्रिया को समझें: कब और कौन से दस्तावेज होंगे मान्य? 1. इन्यूमरेशन फेज (गणना चरण) में क्या होगा? आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि इस चरण में किसी भी मतदाता से कोई दस्तावेज (जैसे जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि) नहीं लिया जाएगा। बीएलओ का काम केवल घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करना और इन्यूमरेशन फॉर्म पर आपकी नवीनतम रंगीन फोटो के साथ जानकारी को अपडेट करना है। 2. दस्तावेज कब देने होंगे? ड्राफ्ट रोल (प्रारूप मतदाता सूची) के प्रकाशन के बाद, यदि ईआरओ (निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी) द्वारा किसी मतदाता की पात्रता को लेकर कोई संदेह जताया जाता है और उन्हें नोटिस जारी किया जाता है, तभी मतदाता को अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। ये दस्तावेज होंगे मान्य: यदि नोटिस मिलता है, तो सत्यापन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज मान्य माने जाएंगे: पहचान पत्र: पहचान के प्रमाण के रूप में मान्य दस्तावेज (ध्यान रहे, यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है)। आयु प्रमाण-पत्र: सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, या मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी 10वीं का सर्टिफिकेट। निवास प्रमाण-पत्र: सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र। अन्य दस्तावेज: वन अधिकार प्रमाण पत्र, ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र, नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (जहां लागू हो), परिवार रजिस्टर, सरकार/बैंक/एलआईसी/पीएसयू द्वारा 01.07.1987 से पहले जारी कोई पहचान पत्र या दस्तावेज, तथा जमीन या मकान के आवंटन से संबंधित सरकारी दस्तावेज।


