नवादा के चर्चित मिर्जापुर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नगर थाना क्षेत्र में हुए युवक की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी सतीश कुमार उर्फ छितिज कुमार को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर गठित टीम ने लगातार छापेमारी के बाद आरोपी को पकड़ा। इससे पहले इस हत्याकांड में शामिल दो विधि-विरुद्ध किशोरों को पुलिस निरुद्ध कर चुकी है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया है। 14 मई को दर्ज हुई थी युवक के लापता होने की शिकायत पुलिस के अनुसार, 14 मई 2026 को नगर थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपने पुत्र के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद नगर थाना में मामला दर्ज कर पुलिस ने युवक की तलाश शुरू की। शुरुआत में पुलिस ने युवक के आने-जाने वाले रास्तों, आसपास के इलाकों और संभावित ठिकानों पर जांच की। इसके साथ ही अलग-अलग स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मृतक के दोस्तों, परिचितों तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की। सोशल मीडिया के माध्यम से भी युवक के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। दो किशोरों से पूछताछ में खुला हत्या का राज जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे। 22 मई को पुलिस ने मामले में संलिप्त दो विधि-विरुद्ध किशोरों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि मृतक और आरोपियों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण आरोपियों ने युवक से बदला लेने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, इसी साजिश के तहत युवक को बहाने से बुलाकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। फोन कर मिर्जापुर गुमटी के पास बुलाया, फिर सुनसान जगह ले गए पुलिस जांच में सामने आया कि 13 मई की रात आरोपियों ने मृतक को फोन कर मिर्जापुर गुमटी के पास बुलाया था। वहां से उसे टोटो के माध्यम से एक सुनसान इलाके में ले जाया गया। आरोपियों ने पहले युवक को शराब पिलाई। इसके बाद गमछे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद टूटे हुए कांच से गला रेतकर वारदात को और भयावह बना दिया गया। हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। शव को घोषतामा स्थित सकरी नदी किनारे झाड़ियों में छिपा दिया गया। वहीं मृतक का मोबाइल फोन तोड़कर रास्ते में फेंक दिया गया था। निशानदेही पर बरामद हुआ था शव, एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य पुलिस ने आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर शव को बरामद किया था। घटनास्थल पर एफएसएल टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई गई। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए, जिसके आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ाया गया। इसके बाद पुलिस लगातार फरार मुख्य आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही थी। इसी क्रम में आरोपी सतीश कुमार उर्फ छितिज कुमार को हरदोई से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार की संलिप्तता पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ के दौरान हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। चर्चित हत्याकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मृतक के परिजनों ने राहत की सांस ली है। वहीं पुलिस की कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भी संतोष है।
मिर्जापुर हत्याकांड का मुख्य आरोपी हरदोई से गिरफ्तार:पैसों के विवाद में युवक की हत्या कर नदी किनारे झाड़ियों में फेंका था शव
नवादा के चर्चित मिर्जापुर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नगर थाना क्षेत्र में हुए युवक की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी सतीश कुमार उर्फ छितिज कुमार को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर गठित टीम ने लगातार छापेमारी के बाद आरोपी को पकड़ा। इससे पहले इस हत्याकांड में शामिल दो विधि-विरुद्ध किशोरों को पुलिस निरुद्ध कर चुकी है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया है। 14 मई को दर्ज हुई थी युवक के लापता होने की शिकायत पुलिस के अनुसार, 14 मई 2026 को नगर थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपने पुत्र के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद नगर थाना में मामला दर्ज कर पुलिस ने युवक की तलाश शुरू की। शुरुआत में पुलिस ने युवक के आने-जाने वाले रास्तों, आसपास के इलाकों और संभावित ठिकानों पर जांच की। इसके साथ ही अलग-अलग स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मृतक के दोस्तों, परिचितों तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की। सोशल मीडिया के माध्यम से भी युवक के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। दो किशोरों से पूछताछ में खुला हत्या का राज जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे। 22 मई को पुलिस ने मामले में संलिप्त दो विधि-विरुद्ध किशोरों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि मृतक और आरोपियों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण आरोपियों ने युवक से बदला लेने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, इसी साजिश के तहत युवक को बहाने से बुलाकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। फोन कर मिर्जापुर गुमटी के पास बुलाया, फिर सुनसान जगह ले गए पुलिस जांच में सामने आया कि 13 मई की रात आरोपियों ने मृतक को फोन कर मिर्जापुर गुमटी के पास बुलाया था। वहां से उसे टोटो के माध्यम से एक सुनसान इलाके में ले जाया गया। आरोपियों ने पहले युवक को शराब पिलाई। इसके बाद गमछे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद टूटे हुए कांच से गला रेतकर वारदात को और भयावह बना दिया गया। हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। शव को घोषतामा स्थित सकरी नदी किनारे झाड़ियों में छिपा दिया गया। वहीं मृतक का मोबाइल फोन तोड़कर रास्ते में फेंक दिया गया था। निशानदेही पर बरामद हुआ था शव, एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य पुलिस ने आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर शव को बरामद किया था। घटनास्थल पर एफएसएल टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई गई। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए, जिसके आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ाया गया। इसके बाद पुलिस लगातार फरार मुख्य आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही थी। इसी क्रम में आरोपी सतीश कुमार उर्फ छितिज कुमार को हरदोई से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार की संलिप्तता पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ के दौरान हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। चर्चित हत्याकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मृतक के परिजनों ने राहत की सांस ली है। वहीं पुलिस की कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भी संतोष है।

