मुजफ्फरपुर में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने मीनापुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर चार गाड़ी को जब्त किया और लगभग 11.96 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी के सख्त निर्देश पर जिले में बालू के अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। मीनापुर थाना क्षेत्र के चंद परना गांव के पास बूढ़ी गंडक नदी के तट पर अवैध बालू खनन की सूचना मिली थी, जिसके बाद एक संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। अंधेरे का फायदा उठाकर गाड़ी ड्राइवर भागे छापेमारी के दौरान, टीम ने अवैध रूप से बालू का परिवहन कर रहे चार गाड़ी को मौके से जब्त किया। जांच में पाया गया कि बिना वैध अनुमति के 22,000 घन फीट सफेद बालू का खनन और परिवहन किया जा रहा था। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर गाड़ी ड्राइवर मौके से फरार हो गए। जब्त वाहनों और खनिज के संबंध में विस्तृत जांच की गई। खनन विभाग की ओर से उपलब्ध साक्ष्यों और जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित वाहन मालिकों को दोषी पाया गया। इसके बाद बिहार खनिज नियमावली और प्रचलित प्रावधानों के तहत इन वाहन मालिकों पर कुल 11 लाख 96 हजार 500 रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकार के राजस्व को क्षति पहुंचाने और पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित करने वाले अवैध खनन को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध बालू खनन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि नदी तटों के कटाव, जलधाराओं के स्वरूप में परिवर्तन और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है और सूचना प्राप्त होते ही त्वरित कार्रवाई की जा रही है। मीनापुर थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध कार्रवाई के बाद खान निरीक्षक, मुजफ्फरपुर ने जब्त चारों वाहनों के मालिकों और चालकों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने के लिए मीनापुर थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया। तदनुसार मीनापुर थाना मे केस संख्या 273/26 की गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि मामले में संलिप्त सभी व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध खनन अधिनियम व अन्य संबंधित धाराओं के तहत कडी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध बालू खनन या परिवहन की गतिविधि दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन अथवा पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी राजस्व की रक्षा करना है। इसी दिशा में जिले में अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

