क्या कैंसर के बाद मां बनना संभव है? डॉक्टर से जानें

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क्या कैंसर के बाद मां बनना संभव है? डॉक्टर से जानें

प्रेगनेंसी और कैंसरImage Credit source: Getty Images

आज के समय में महिलाओं में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कैंसर का पता चलते ही ज़िंदगी से जुड़े कई सवाल सामने आ जाते हैं और यह चिंता उन महिलाओं के लिए और भी बढ़ जाती है, जो भविष्य में मां बनने की इच्छा रखती हैं. प्रेगनेंसी और रिप्रोडक्टिव हेल्थ को लेकर डर, असमंजस और कई तरह की शंकाएं मन में पैदा होना स्वाभाविक है. कई महिलाएं यह सोचने लगती हैं कि क्या कैंसर का इलाज उनके मां बनने के सपने को खत्म कर देगा. हालांकि, मेडिकल साइंस में हुई प्रगति ने इस सोच को काफी हद तक बदल दिया है.

अब पहले की तुलना में कैंसर का इलाज ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी हो गया है, जिससे महिलाओं के पास भविष्य की योजना बनाने के विकल्प मौजूद हैं. सही जानकारी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के साथ कई महिलाएं कैंसर के बाद भी मां बन पा रही हैं. इसलिए इस विषय को सही तरीके से समझना बेहद ज़रूरी है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

क्या कैंसर के बाद मां बनना संभव है?

मैक्स हॉस्पिटल में ऑन्कोलॉजी विभाग में डॉ. रोहित कपूर बताते हैं कि कई मामलों में कैंसर के बाद मां बनना संभव होता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर किस प्रकार का था, उसका इलाज कैसे किया गया और महिला की उम्र क्या है. कुछ इलाज रिप्रोडक्टिव हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन हर महिला पर इसका असर अलग-अलग होता है. आजकल डॉक्टर इलाज की योजना बनाते समय फर्टिलिटी को ध्यान में रखते हैं.

सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेकर और आवश्यक जांच करवाकर महिलाएं सुरक्षित रूप से प्रेगनेंसी की योजना बना सकती हैं. रिसर्च के अनुसार, कैंसर के बाद प्रेगनेंसी से कैंसर दोबारा होने का खतरा अपने आप नहीं बढ़ता. यही कारण है कि अब कैंसर सर्वाइवर्स के लिए मां बनना सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि एक संभव विकल्प बन चुका है.

कैंसर ट्रीटमेंट के बाद प्रेगनेंसी

कैंसर का इलाज पूरा होने के बाद कई महिलाएं प्राकृतिक रूप से या मेडिकल सहायता से गर्भधारण कर सकती हैं. आमतौर पर डॉक्टर इलाज खत्म होने के बाद कुछ समय तक इंतजार करने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर पूरी तरह स्वस्थ हो सके.

यह समय कैंसर के प्रकार और इलाज पर निर्भर करती है. सही निगरानी में की गई प्रेगनेंसी को आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है. नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह से मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है.

कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान प्रेगनेंसी

कुछ मामलों में महिला पहले से प्रेगनेंट होती है और उसी दौरान कैंसर का पता चलता है. ऐसे में इलाज बहुत सावधानी से किया जाता है. डॉक्टरों की एक टीम मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इलाज की योजना बनाती है. प्रेगनेंसी के दूसरे और तीसरे चरण में कुछ इलाज सुरक्षित रूप से किए जा सकते हैं. सही मेडिकल देखरेख में कई महिलाएं स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं.

इलाज से पहले फर्टिलिटी को कैसे बचाएं?

कैंसर के इलाज से पहले फर्टिलिटी को सुरक्षित रखने के लिए आज कई विकल्प मौजूद हैं. एग फ्रीज़िंग, एम्ब्रायो फ्रीज़िंग और ओवरी टिश्यू प्रिज़र्वेशन जैसी तकनीकें भविष्य में प्रेगनेंसी की संभावना बनाए रखती हैं. ये विकल्प खासतौर पर उन महिलाओं के लिए उपयोगी होते हैं, जो इलाज के बाद मां बनने की योजना बनाना चाहती हैं. सही समय पर डॉक्टर से चर्चा करना बेहद ज़रूरी होता है.

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