छोड़ द बाबा… अब ऐसा नहीं करूंगा….। जमीन पर लहुलूहान पड़े श्रवण और पिंटू बार-बार भीड़ से खुद को छोड़ देने की गुहार लगा रहे थे। भीड़ ने दोनों की एक नहीं सुनी और ताबड़तोड़ डंडे बरसाते रहे। नालंदा में सोमवार तड़के मॉब लिंचिंग में दीपनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले 24 साल के पिंटू पासवान और 22 साल के श्रवण पासवान की मौत हुई थी। घटना के तीन दिन बाद मॉब लिंचिंग का एक मिनट का वीडियो सामने आया है। नालंदा के ही रहने वाले और दिल्ली में वकालत कर रहे ब्रजेश सिंह ने घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल, इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने कहा कि वीडियो की सत्यता की जांच कर रहे हैं। पुष्टि के बाद वीडियो में दिख रहे लोगों को चिह्नित कर गिरफ्तार किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वीडियो को देखने के बाद मृतकों के परिजन ने दावा किया है कि वीडियो में मॉब लिंचिंग के शिकार श्रवण और पिंटू ही दिख रहे हैं। सबसे पहले मॉब लिंचिंग से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए अब जानिए 1 मिनट के मॉब लिंचिंग वाले वीडियो में क्या दिख रहा है? मॉब लिंचिंग के एक मिनट के वीडियो में दिख रहा है कि करीब 20 से 25 लोग श्रवण और पिंटू की हाथ बांधकर उनकी पिटाई कर रहे हैं। श्रवण और पिंटू जमीन पर पड़े हुए हैं। दोनों लहुलूहान हैं। इस दौरान भीड़ लगातार दोनों को गालियां दे रही है। सफेद धोती में दिख रहे मंदिर के पुजारी लगातार लाठी से श्रवण और पिंटू पर हमला कर रहे हैं। इस दौरान श्रवण और पिंटू बाबा से खुद को छोड़ देने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन पुजारी बिना कुछ सुने लगातार डंडे बरसा रहे हैं। वीडियो में आसपास मौजूद लोग पुजारी से दोनों को छोड़ देने की बात कह रहे हैं, लेकिन बाबा उनकी भी नहीं सुनते हैं। वीडियो के आखिर में लोग दोनों से उठकर बैठने को कहते हैं, इसी बीच पुजारी श्रवण के पैर को अपने पैर से कुचलता दिखता है। करीब 30 मिनट तक भीड़ ने पिंटू और श्रवण की पिटाई की थी रविवार की शाम अपने 4 दोस्तों के साथ राजगीर में मलमास मेला देखने गए श्रवण और पिंटू को चोरी के शक में सोमवार तड़के 3 बजे भीड़ ने पकड़ा था। आरोप था कि मंदिर में पंगत चल रहा था, तब दोनों ने मंदिर की दीवार कूदकर चोरी की कोशिश की थी। करीब 20 से अधिक लोगों ने दोनों की लाठी-डंडों और लात-घूंसों से आधे घंटे तक पिटाई की थी। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, श्रवण का एक हाथ टूट गया था। लिंचिंग के दौरान श्रवण और पिंटू को अंदरूनी चोटें आई थी। इंटर्नल ब्लीडिंग की वजह से दोनों की मौत हुई है। हालांकि, मौत की असली वजह की जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मिल पाएगी। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला रविवार शाम को श्रवण और पिंटू अपने चार दोस्तों के साथ राजगीर थाना क्षेत्र के झुनकिया बाबा मंदिर के पास लगे मलमास मेला में घूमने गए थे। मृतक पिंटू पासवान की मां सरोज देवी और श्रवण की बहन रीता देवी ने बताया कि दोनों घर से निकलते समय कहा था देर रात या सुबह तक जाएंगे। देर रात अचानक रविदास टोली के कुछ लोग शोर मचाते हुए कहा कि मंदिर के पास दो लड़कों को भीड़ ने पकड़ा है और उनकी बुरी तरह पिटाई की जा रही है। लेकिन मैंने कोई जानकारी नहीं ली और सोने चली गई। ‘घर का इकलौता कमाने वाला था, परिवार कैसे चलेगा’ मृतक पिंटू की मां सरोज देवी ने बताया कि मेरा बेटा पेशे से राजमिस्त्री था। पांच भाइयों और तीन बहनों में वो सबसे बड़ा था। घर-परिवार की सारी जिम्मेदारी पिंटू पर ही थी। पिंटू अब नहीं है, ऐसे में घर-परिवार कैसे चलेगा? ये चोरी का मामला नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत मेरे बेटे की हत्या की गई है। मृतक के भाई चिंटू ने कहा कि पिंटू और श्रवण अपने गांव के ही सुभाष, आशिक, कृष्णा और आकाश नाम के लड़कों के साथ मेला घूमने गया था। चारों लड़के रविदास टोली (अली नगर) के रहने वाले हैं। पुलिस ने पहले सड़क हादसा बताया, ताकि मामले को दबाया जा सके चिंटू ने कहा कि सोमवार सुबह दीपनगर थाने की पुलिस की ओर से हम लोगों को फोन कर घटना की सूचना दी गई। हम लोग अस्पताल पहुंचे, तब पता चला कि पिंटू और श्रवण के साथ मारपीट की गई है। दोनों की हालत गंभीर थी। इसलिए डॉक्टरों ने दोनों को पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया था। वहीं, झुनकिया बाबा मंदिर के महंत अंतर्यामी शरण ने कहा था कि मलमास मेले के कारण इन दिनों मंदिर परिसर में चौबीसों घंटे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रविवार की रात को भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु थे और पंगत चल रही थी। इसी बीच तड़के करीब साढ़े तीन बजे मंदिर परिसर में कुछ संदिग्ध हलचल हुई। मंदिर में पिछले कुछ दिनों से लगातार बड़ी चोरियां हो रही थीं, जिससे श्रद्धालु पहले से ही बेहद आक्रोशित और सतर्क थे। महंत ने बताया कि बीते 8 तारीख को अज्ञात चोरों ने मंदिर से करीब डेढ़ लाख रुपए के सामान और कैश की चोरी की थी। 13 जून को भी एक कीमती मोबाइल और 30 हजार रुपए की चोरी हुई थी। सोमवार तड़के इन युवकों को चोरी की नीयत से घुसते देखा गया, तो मौजूद श्रद्धालुओं ने शोर मचाना शुरू किया। चोर-चोर की आवाज सुनकर दोनों युवक डरकर भागने लगे। भागने के क्रम में वे मंदिर परिसर से बाहर निकलकर मुख्य सड़क पर गिर गए, जहां पीछा कर रही उग्र भीड़ ने उन्हें पकड़ लिया। सड़क पर ही स्थानीय लोगों, दुकानदारों और श्रद्धालुओं के साथ आरोपियों की तीखी नोकझोंक और हाथापाई हुई। इसके बाद मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा कैंप के जवानों को इसकी सूचना मिली तो तत्काल राजगीर थाने की पुलिस को बुलाकर दोनों युवकों को उनके सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने दोनों को भीड़ के चंगुल से सुरक्षित निकाला थाः SP नालंदा SP भारत सोनी ने बताया, पुलिस को सोमवार तड़के 3:30 बजे मारपीट की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की गश्ती टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची और भीड़ के बीच से दोनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस की टीम दोनों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले गई, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। पुलिस बल के विशेष एस्कॉर्ट के साथ दोनों घायलों को पीएमसीएच भेजा गया था, लेकिन इलाज के दौरान वहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
नालंदा में 2 लड़कों की मॉब लिंचिंग का VIDEO:छोड़ द बाबा… की गुहार लगाता रहा; पुजारी बरसाता रहा डंडा, पैर से पैर कुचलता रहा
छोड़ द बाबा… अब ऐसा नहीं करूंगा….। जमीन पर लहुलूहान पड़े श्रवण और पिंटू बार-बार भीड़ से खुद को छोड़ देने की गुहार लगा रहे थे। भीड़ ने दोनों की एक नहीं सुनी और ताबड़तोड़ डंडे बरसाते रहे। नालंदा में सोमवार तड़के मॉब लिंचिंग में दीपनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले 24 साल के पिंटू पासवान और 22 साल के श्रवण पासवान की मौत हुई थी। घटना के तीन दिन बाद मॉब लिंचिंग का एक मिनट का वीडियो सामने आया है। नालंदा के ही रहने वाले और दिल्ली में वकालत कर रहे ब्रजेश सिंह ने घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल, इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने कहा कि वीडियो की सत्यता की जांच कर रहे हैं। पुष्टि के बाद वीडियो में दिख रहे लोगों को चिह्नित कर गिरफ्तार किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वीडियो को देखने के बाद मृतकों के परिजन ने दावा किया है कि वीडियो में मॉब लिंचिंग के शिकार श्रवण और पिंटू ही दिख रहे हैं। सबसे पहले मॉब लिंचिंग से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए अब जानिए 1 मिनट के मॉब लिंचिंग वाले वीडियो में क्या दिख रहा है? मॉब लिंचिंग के एक मिनट के वीडियो में दिख रहा है कि करीब 20 से 25 लोग श्रवण और पिंटू की हाथ बांधकर उनकी पिटाई कर रहे हैं। श्रवण और पिंटू जमीन पर पड़े हुए हैं। दोनों लहुलूहान हैं। इस दौरान भीड़ लगातार दोनों को गालियां दे रही है। सफेद धोती में दिख रहे मंदिर के पुजारी लगातार लाठी से श्रवण और पिंटू पर हमला कर रहे हैं। इस दौरान श्रवण और पिंटू बाबा से खुद को छोड़ देने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन पुजारी बिना कुछ सुने लगातार डंडे बरसा रहे हैं। वीडियो में आसपास मौजूद लोग पुजारी से दोनों को छोड़ देने की बात कह रहे हैं, लेकिन बाबा उनकी भी नहीं सुनते हैं। वीडियो के आखिर में लोग दोनों से उठकर बैठने को कहते हैं, इसी बीच पुजारी श्रवण के पैर को अपने पैर से कुचलता दिखता है। करीब 30 मिनट तक भीड़ ने पिंटू और श्रवण की पिटाई की थी रविवार की शाम अपने 4 दोस्तों के साथ राजगीर में मलमास मेला देखने गए श्रवण और पिंटू को चोरी के शक में सोमवार तड़के 3 बजे भीड़ ने पकड़ा था। आरोप था कि मंदिर में पंगत चल रहा था, तब दोनों ने मंदिर की दीवार कूदकर चोरी की कोशिश की थी। करीब 20 से अधिक लोगों ने दोनों की लाठी-डंडों और लात-घूंसों से आधे घंटे तक पिटाई की थी। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, श्रवण का एक हाथ टूट गया था। लिंचिंग के दौरान श्रवण और पिंटू को अंदरूनी चोटें आई थी। इंटर्नल ब्लीडिंग की वजह से दोनों की मौत हुई है। हालांकि, मौत की असली वजह की जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मिल पाएगी। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला रविवार शाम को श्रवण और पिंटू अपने चार दोस्तों के साथ राजगीर थाना क्षेत्र के झुनकिया बाबा मंदिर के पास लगे मलमास मेला में घूमने गए थे। मृतक पिंटू पासवान की मां सरोज देवी और श्रवण की बहन रीता देवी ने बताया कि दोनों घर से निकलते समय कहा था देर रात या सुबह तक जाएंगे। देर रात अचानक रविदास टोली के कुछ लोग शोर मचाते हुए कहा कि मंदिर के पास दो लड़कों को भीड़ ने पकड़ा है और उनकी बुरी तरह पिटाई की जा रही है। लेकिन मैंने कोई जानकारी नहीं ली और सोने चली गई। ‘घर का इकलौता कमाने वाला था, परिवार कैसे चलेगा’ मृतक पिंटू की मां सरोज देवी ने बताया कि मेरा बेटा पेशे से राजमिस्त्री था। पांच भाइयों और तीन बहनों में वो सबसे बड़ा था। घर-परिवार की सारी जिम्मेदारी पिंटू पर ही थी। पिंटू अब नहीं है, ऐसे में घर-परिवार कैसे चलेगा? ये चोरी का मामला नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत मेरे बेटे की हत्या की गई है। मृतक के भाई चिंटू ने कहा कि पिंटू और श्रवण अपने गांव के ही सुभाष, आशिक, कृष्णा और आकाश नाम के लड़कों के साथ मेला घूमने गया था। चारों लड़के रविदास टोली (अली नगर) के रहने वाले हैं। पुलिस ने पहले सड़क हादसा बताया, ताकि मामले को दबाया जा सके चिंटू ने कहा कि सोमवार सुबह दीपनगर थाने की पुलिस की ओर से हम लोगों को फोन कर घटना की सूचना दी गई। हम लोग अस्पताल पहुंचे, तब पता चला कि पिंटू और श्रवण के साथ मारपीट की गई है। दोनों की हालत गंभीर थी। इसलिए डॉक्टरों ने दोनों को पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया था। वहीं, झुनकिया बाबा मंदिर के महंत अंतर्यामी शरण ने कहा था कि मलमास मेले के कारण इन दिनों मंदिर परिसर में चौबीसों घंटे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रविवार की रात को भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु थे और पंगत चल रही थी। इसी बीच तड़के करीब साढ़े तीन बजे मंदिर परिसर में कुछ संदिग्ध हलचल हुई। मंदिर में पिछले कुछ दिनों से लगातार बड़ी चोरियां हो रही थीं, जिससे श्रद्धालु पहले से ही बेहद आक्रोशित और सतर्क थे। महंत ने बताया कि बीते 8 तारीख को अज्ञात चोरों ने मंदिर से करीब डेढ़ लाख रुपए के सामान और कैश की चोरी की थी। 13 जून को भी एक कीमती मोबाइल और 30 हजार रुपए की चोरी हुई थी। सोमवार तड़के इन युवकों को चोरी की नीयत से घुसते देखा गया, तो मौजूद श्रद्धालुओं ने शोर मचाना शुरू किया। चोर-चोर की आवाज सुनकर दोनों युवक डरकर भागने लगे। भागने के क्रम में वे मंदिर परिसर से बाहर निकलकर मुख्य सड़क पर गिर गए, जहां पीछा कर रही उग्र भीड़ ने उन्हें पकड़ लिया। सड़क पर ही स्थानीय लोगों, दुकानदारों और श्रद्धालुओं के साथ आरोपियों की तीखी नोकझोंक और हाथापाई हुई। इसके बाद मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा कैंप के जवानों को इसकी सूचना मिली तो तत्काल राजगीर थाने की पुलिस को बुलाकर दोनों युवकों को उनके सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने दोनों को भीड़ के चंगुल से सुरक्षित निकाला थाः SP नालंदा SP भारत सोनी ने बताया, पुलिस को सोमवार तड़के 3:30 बजे मारपीट की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की गश्ती टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची और भीड़ के बीच से दोनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस की टीम दोनों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले गई, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। पुलिस बल के विशेष एस्कॉर्ट के साथ दोनों घायलों को पीएमसीएच भेजा गया था, लेकिन इलाज के दौरान वहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।


