सहरसा में 17 गौवंशों की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर चल रहा सात दिवसीय आमरण अनशन गुरुवार को समाप्त हो गया। यह अनशन बनगाँव बारियाही गौशाला में चल रहा था। आंदोलनकारियों और संबंधित पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद यह निर्णय लिया गया कि सभी 17 गौवंश अब आजीवन गौशाला में ही रहेंगे। समझौते के तहत, इन गौवंशों को गौशाला से वापस ले जाने का कोई प्रयास नहीं किया जाएगा। यह मामला बैजनाथपुर थाना कांड संख्या-62/2026 से जुड़ा है। गौ-संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया इस निर्णय को बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और गौ-सेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने गौ-संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। बजरंग दल के जिला सुरक्षा प्रमुख मानस मिश्रा ने इसे गौमाता, सनातन समाज और सत्य की विजय करार दिया। मानस मिश्रा ने बताया कि सात दिनों तक चले इस आमरण अनशन का उद्देश्य केवल 17 गौवंशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं था, बल्कि समाज में गौ-संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और न्याय की मांग को मजबूती से उठाना भी था। गौ-भक्तों की भावनाओं का सम्मान हुआ उन्होंने कहा कि गौवंशों के आजीवन गौशाला में सुरक्षित रहने के निर्णय से गौ-भक्तों की भावनाओं का सम्मान हुआ है। बजरंग दल और गौ-सेवा से जुड़े संगठन भविष्य में भी गौ-संरक्षण, गौ-सेवा और जनजागरण के लिए कार्य करते रहेंगे। सात दिनों से अनशन पर बैठे कार्यकर्ताओं का अनशन जिला अध्यक्ष पंपल सिंह, जिला बलोपासना प्रमुख डॉ. एस.के. नायक तथा उपस्थित माताओं और बहनों द्वारा पेय पदार्थ पिलाकर समाप्त कराया गया। गौ-संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अभियान निरंतर जारी रहेगा अनशन में बजरंग दल के जिला सुरक्षा प्रमुख मानस मिश्रा, विश्व हिंदू परिषद के अमन सागर, बजरंग दल के रोहन कुमार, नगर सह-संयोजक आयुष पौदार, गौ सेवा समिति के नितेश कुमार राय तथा मधेपुरा के प्रकाश दीप सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे। अनशन समाप्ति के मौके पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, गौ-भक्त और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। बजरंग दल ने आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सामाजिक संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। संगठन ने दोहराया कि समाजहित और गौ-संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर उसका अभियान निरंतर जारी रहेगा।
सहरसा में आमरण अनशन समाप्त, 17 गौवंश गौशाला में रहेंगे:बजरंग दल ने गौ संरक्षण की ऐतिहासिक जीत बताया
सहरसा में 17 गौवंशों की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर चल रहा सात दिवसीय आमरण अनशन गुरुवार को समाप्त हो गया। यह अनशन बनगाँव बारियाही गौशाला में चल रहा था। आंदोलनकारियों और संबंधित पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद यह निर्णय लिया गया कि सभी 17 गौवंश अब आजीवन गौशाला में ही रहेंगे। समझौते के तहत, इन गौवंशों को गौशाला से वापस ले जाने का कोई प्रयास नहीं किया जाएगा। यह मामला बैजनाथपुर थाना कांड संख्या-62/2026 से जुड़ा है। गौ-संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया इस निर्णय को बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और गौ-सेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने गौ-संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। बजरंग दल के जिला सुरक्षा प्रमुख मानस मिश्रा ने इसे गौमाता, सनातन समाज और सत्य की विजय करार दिया। मानस मिश्रा ने बताया कि सात दिनों तक चले इस आमरण अनशन का उद्देश्य केवल 17 गौवंशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं था, बल्कि समाज में गौ-संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और न्याय की मांग को मजबूती से उठाना भी था। गौ-भक्तों की भावनाओं का सम्मान हुआ उन्होंने कहा कि गौवंशों के आजीवन गौशाला में सुरक्षित रहने के निर्णय से गौ-भक्तों की भावनाओं का सम्मान हुआ है। बजरंग दल और गौ-सेवा से जुड़े संगठन भविष्य में भी गौ-संरक्षण, गौ-सेवा और जनजागरण के लिए कार्य करते रहेंगे। सात दिनों से अनशन पर बैठे कार्यकर्ताओं का अनशन जिला अध्यक्ष पंपल सिंह, जिला बलोपासना प्रमुख डॉ. एस.के. नायक तथा उपस्थित माताओं और बहनों द्वारा पेय पदार्थ पिलाकर समाप्त कराया गया। गौ-संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अभियान निरंतर जारी रहेगा अनशन में बजरंग दल के जिला सुरक्षा प्रमुख मानस मिश्रा, विश्व हिंदू परिषद के अमन सागर, बजरंग दल के रोहन कुमार, नगर सह-संयोजक आयुष पौदार, गौ सेवा समिति के नितेश कुमार राय तथा मधेपुरा के प्रकाश दीप सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे। अनशन समाप्ति के मौके पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, गौ-भक्त और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। बजरंग दल ने आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सामाजिक संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। संगठन ने दोहराया कि समाजहित और गौ-संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर उसका अभियान निरंतर जारी रहेगा।

