नक्सलवाद के खिलाफ देशव्यापी अभियान और उसकी सफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जहानाबाद में एक क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला और संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का विषय ‘नक्सल से मुक्ति, सशक्त भारत की शक्ति’ था। इसमें सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन और बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया। जहानाबाद समाहरणालय स्थित ग्राम प्लेक्स सभागार में आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर सीआरपीएफ के आईजी पी. कुजूर, डीआईजी राजकुमार और जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडेय सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए आईजी पी. कुजूर ने बताया कि केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों, सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति और राज्य सरकारों के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार से जुड़ी योजनाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाई गई हैं। इससे लोगों का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में मजबूत हुआ है। आईजी कुजूर ने बताया कि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली गतिविधियां हावी थीं, वहां आज विकास की नई तस्वीर दिख रही है। बड़ी संख्या में युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़कर शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार को अपनाया है। वहीं, डीआईजी राजकुमार ने जानकारी दी कि लगातार चलाए गए अभियानों के कारण कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे उनके नेटवर्क को कमजोर करने में बड़ी सफलता मिली है। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की विकास योजनाओं और जनभागीदारी के कारण प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित हो रही है। कार्यक्रम में मीडिया की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए तथ्यात्मक और सकारात्मक रिपोर्टिंग पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहयोग, जागरूकता और विकास के बल पर देश जल्द ही नक्सलवाद मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करेगा।
केंद्र की विकास नीति से नक्सलवाद कमजोर:जहानाबाद में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर, योजनाओं का असर
नक्सलवाद के खिलाफ देशव्यापी अभियान और उसकी सफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जहानाबाद में एक क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला और संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का विषय ‘नक्सल से मुक्ति, सशक्त भारत की शक्ति’ था। इसमें सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन और बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया। जहानाबाद समाहरणालय स्थित ग्राम प्लेक्स सभागार में आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर सीआरपीएफ के आईजी पी. कुजूर, डीआईजी राजकुमार और जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडेय सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए आईजी पी. कुजूर ने बताया कि केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों, सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति और राज्य सरकारों के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार से जुड़ी योजनाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाई गई हैं। इससे लोगों का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में मजबूत हुआ है। आईजी कुजूर ने बताया कि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली गतिविधियां हावी थीं, वहां आज विकास की नई तस्वीर दिख रही है। बड़ी संख्या में युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़कर शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार को अपनाया है। वहीं, डीआईजी राजकुमार ने जानकारी दी कि लगातार चलाए गए अभियानों के कारण कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे उनके नेटवर्क को कमजोर करने में बड़ी सफलता मिली है। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की विकास योजनाओं और जनभागीदारी के कारण प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित हो रही है। कार्यक्रम में मीडिया की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए तथ्यात्मक और सकारात्मक रिपोर्टिंग पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहयोग, जागरूकता और विकास के बल पर देश जल्द ही नक्सलवाद मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करेगा।
