मुख्य बातें
Trinamool : कोलकाता : सीआईडी ने तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और सुप्रीमो ममता बनर्जी के कार्यालयों में तलाशी ली, लेकिन जांचकर्ताओं को हस्ताक्षरित प्रस्ताव पुस्तिका नहीं मिली. अभिषेक को तलब किया गया. उनका जवाब था कि उन्हें नहीं पता कि प्रस्ताव पुस्तिका कहां है. अंततः, सीआईडी को यह ‘गुप्त संपत्ति’ मिल गई है. विधायकों के हस्ताक्षर जालसाजी की जांच में सीआईडी को आखिरकार प्रस्ताव पुस्तिका बल्लीगंज के तृणमूल विधायक शोभनदेव चटर्जी के घर से बरामद हुई.
सीआईडी ने की पूछताछ
राज्य खुफिया अधिकारी शोभनदेव के घर पूछताछ के लिए गए. उन्होंने आधे घंटे से अधिक समय तक मामले के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी हासिल की. विधायक शोभनदेव का बयान दर्ज किया गया. सीआईडी सूत्रों के अनुसार, यहीं से संकल्प पुस्तिका की एक प्रति जांचकर्ताओं के हाथ लगी. अब सीआईडी अधिकारी संकल्प पुस्तिका में विधायकों के हस्ताक्षरों की जांच करेंगे.
क्यों महत्वपूर्ण है संकल्प पुस्तिका
मूलतः, एक प्रस्ताव पारित किया जाता है, जिसमें विपक्ष का नेता, गुट का नेता और संसदीय दल के बाकी सदस्य कौन होंगे, इस पर निर्णय लिया जाता है. नियमों के अनुसार, इस प्रस्ताव की एक प्रति विधानसभा अध्यक्ष को भेजी जाती है और दूसरी प्रति पार्टी के पास रहती है. पार्टी का मुख्य कार्यालय 30बी हरीश चटर्जी स्ट्रीट में है. संयोगवश, यह ममता बनर्जी का घर भी है, लेकिन तलाशी में प्रस्ताव की प्रति नहीं मिली.
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इसको लेकर इतना विवाद क्यों
बंगाल में सरकार परिवर्तन के बाद, शोभनदेव चटर्जी को विपक्ष का नेता बनाने के प्रस्ताव की प्रति अध्यक्ष को सौंपी गई. हालांकि, बागी विधायकों के एक वर्ग ने दावा किया कि प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले कई विधायक अनुपस्थित थे. तो फिर हस्ताक्षर किसने किए? इसके बाद अध्यक्ष ने जांच का आदेश दिया.
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