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कागजों पर जहां दिखाया आम का बाग, वहां मिला घर, अब एसीबी करेगा जांच


एसीबी ने मंत्रिमंडल सचिवालय से पीई दर्ज करने की अनुमति मांगी पूर्वी सिंहभूम के बोड़ाम प्रखंड के पोखुरिया गांव में मनरेगा योजनाओं में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां काम हुआ नहीं और पैसों की निकासी कर ली गई। अब एसीबी इस मामले की जांच करेगी। यह मामला वर्ष 2022 से 2024 के बीच का है। इस दौरान यहां कुल 70 योजनाएं चलीं। इसी बीच वंशीधर महतो ने एसीबी से योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायत की। एसीबी इंस्पेक्टर कमल नारायण सिंह ने इन शिकायतों का सत्यापन किया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि ये योजनाएं धरातल पर उतरी ही नहीं। जहां आम बागान बनना था, वहां पक्के मकान हैं। कुएं की जगह छोटे-छोटे गड्‌ढे हैं। लेकिन पैसों की निकासी हो गई है। गबन का मामला सामने आने के बाद एसीबी ने मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के प्रधान सचिव को पूरे तथ्यों की जानकारी देते हुए प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज करने की अनुमति मांगी है। इसके बाद मंत्रिमंडल निगरानी विभाग ने इसकी जानकारी ग्रामीण विकास विभाग को देते हुए उसका मंतव्य मांगा है। मेढ़बंदी करना था, पर कुछ नहीं हुआ वित्तीय वर्ष 2022-23 में गंगा सागर महतो की जमीन पर मेढ़बंदी किया जाना था। इसके लिए कुल 20,624 रुपए स्वीकृत किए गए थे। एसीबी के सत्यापन के दौरान पाया गया कि इनमें से 18,360 रुपए का भुगतान कर दिया गया था। एसीबी के भौतिक रूप से स्थल निरीक्षण के दौरान परिवादी वंशीधर महतो के द्वारा बताई गई जानकारी के अनुसार उस जमीन पर मेढ़बंदी दिखी ही नहीं। खेल मैदान बना नहीं, निकाल लिए पैसे वित्तीय वर्ष 2023-24 में बुढ़ा डुंगरी के किनारे पोटो हो खेल मैदान बनाया जाना था। इसके लिए 1,44,628 रुपए स्वीकृत किए गए थे। एसीबी के सत्यापन के दौरान पाया गया कि स्वीकृत राशि में से 7395 रुपए का भुगतान कर दिया गया था। लेकिन मैदान नहीं बनाया गया। एसीबी के भौतिक रूप से स्थल निरीक्षण किया। वहां कोई खेल का मैदान नहीं दिखा। कुएं की जगह ​बस छोटे-छोटे गड्‌ढे मिले वित्तीय वर्ष 2022-23 में संजय महतो की जमीन पर सिंचाई के लिए कुएं का निर्माण कराया जाना था। इस योजना के लिए 3,43,772 रुपए स्वीकृत किए गए थे। एसीबी ने सत्यापन में पाया कि इस योजना के नाम पर 10,191 रुपए का भुगतान हो गया है, लेकिन कुआं बना नहीं है। परिवादी वंशीधर महतो के द्वारा बताई गई जगह पर कुएं की जगह छोटे-छोटे गड्‌ढे मिले। 52 हजार निकाले, पर आम बगान नहीं बना वित्तीय वर्ष 2022-23 में गोपाल महतो की जमीन पर आम बगान बनना था। इसके लिए 3,92,576 रुपए की स्वीकृति मिली थी। एसीबी के सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि उस समय तक 52,694 रुपए का भुगतान कर दिया गया था। एसीबी के भौतिक रूप से स्थल निरीक्षण के दौरान संबंधित खाता नं. और प्लॉट नं. पर आम बगान निर्माण की योजना क्रियान्वित नहीं है। बागान का नामोनिशान नहीं, निकाल लिए पैसे पोखुरिया गांव में मनरेगा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में संतोष महतो के एक एकड़ जमीन पर आम का बगान तैयार करना था। इसके लिए 3,76,852 रुपए स्वीकृत किए गए थे। एसीबी ने जब सत्यापन किया, उस समय तक 91,315 रुपए का भुगतान हो चुका था। जांच में पता चला कि संबंधित स्थान पर आम बगान की जगह संतोष महतो का निर्माणाधीन पक्का मकान आैर अन्य मकान है। उस जमीन पर आम के बागान का कोई नामोनिशान नहीं था।

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