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Congress lost its cool… After the defeat in the Rajya Sabha elections, all 16 MLAs, 3 ministers and 9 MLAs held a press conference on one platform.

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रांची22 घंटे पहले

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रांची राज्यसभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस और विभिन्न सहयोगी दलों के बीच चल रहे आरोप प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस नरम नजर आई। कांग्रेस ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इसमें पार्टी से तीन मंत्री पार्टी के 12 विधायक शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस पूरे मामले का पटाक्षेप करने के मूड में नजर आई।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि कांग्रेस विष पीने को तैयार है, लेकिन गठबंधन नहीं टूटेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि भाजपा को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्हें सोचना चाहिए कि क्यों वह किसी झारखंडी नेता अथवा कार्यकर्ता को अपना उम्मीदवार नहीं बना पाए? क्यों उन्हें ‘धनवानी जी’ को अपना उम्मीदवार बनाना पड़ा? ये सर्वविदित है कि कैसे पैसे का खेल हुआ? कैसे झारखंडी अस्मिता की बोली लगवाई गई?

क्योंकि अगर ये नहीं हुआ तो महागठबंधन के 56 वोट में से 6 वोट कहां गए? इसके साथ ही कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों ने राजद के आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू के बचाव में अपनी बातें कहीं। प्रेस कांफ्रेंस में मंत्री राधाकृष्ण किशोर, इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, उपनेता राजेश कच्छप, विधायक रामेश्वर उरांव, ममता देवी, श्वेता सिंह, सोना राम सिंकु, सुरेश बैठा, भूषण बाड़ा और रामचंद्र सिंह मौजूद थे। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में मिली हार से सबको चिंतित होने की जरूरत है। उन्होने कहा कि इसके बाद लोकसभा और विधानसभा का भी चुनाव होना है।

इसलिए सभी दलों का सोचना चाहिए। हमारा गठबंधन विधानसभा चुनाव के पूर्व का है। प्रदेश प्रभारी के राजू ने कहा कि हमारे साथ धोखा हुआ है। उन्होंने भावावेश में यह बातें कहीं। प्रदेश प्रभारी के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर शंका हुई है तो गठबंधन की बैठक में बाते होनी चाहिए। के. राजू की ईमानदारी, कुशल नेतृत्व और कार्यक्षमता पर कांग्रेसियों का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के अस्तित्व पर ब्लैक स्पॉट नहीं लगने देंगे। भाजपा के मंसूबे को सफल नहीं होने देंगे। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि यह गठबंधन सिर्फ राज्यसभा चुनाव के लिए नहीं है। हम चुनाव हारे इसका कारण भाजपा रही। भाजपा ने थैलीशाह को सामने रखा।

जिस तरह से भाजपा ने चादर फैलाया उसी समय लगा कि हॉर्स ट्रेडिंग के लिए आए हैं। कहा कि कांग्रेस गठबंधन से अलग नहीं होगी। सरकार चलेगी। भाजपा की दाल नहीं गलने वाली है। हार पर पार्टी मंथन कर रही है। मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि हार की समीक्षा होगी। हमें अब चिंता करने की जरूरत है। हम उसमें लगे हुए हैं। संविधान और लोकतंत्र को तार-तार किया जा रहा है। हमारी लड़ाई बड़ी है। हम असुरी ताकतों से लड़ रहे हैं।

गठबंधन बेहतर काम कर रही है। चूक पर हम और हमारे नेता मंथन कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के परिणाम को लेकर भाजपा और राजद द्वारा कांग्रेस प्रभारी और विधायकों पर लगाए जा रहे आरोप निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। कांग्रेस विधायक दल ने पूरी एकजुटता, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया है। यह चुनाव परिणाम अपेक्षा के अनुरूप न रहने का अर्थ यह नहीं है कि बिना किसी तथ्य और प्रमाण के कांग्रेस विधायकों की निष्ठा और प्रतिबद्धता पर प्रश्नचिह्न लगाया जाए।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा धोखा मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन के साथ हुआ है। क्योंकि वो महागठबंधन दल के मुखिया हैं। उन्होंने परिश्रम किया था| सभी उनकी रणनीति से आस्वस्त थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल कांग्रेस के मंत्री और विधायक। सभी नेता पूरे मामले का पटाक्षेप करने के मूड में नजर आए। मंत्रियों और विधायकों ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू के बचाव में अपनी बातें कहीं। रांची। झारखंड से भाकपा माले के केंद्रीय कमेटी सदस्यों की बैठक रविवार को पार्टी के राज्य कार्यालय महेंद्र सिंह भवन, रांची में आयोजित हुई।

बैठक में राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में कांग्रेस पार्टी द्वारा भाकपा माले पर लगाए गए तथ्यहीन आरोपों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में कहा गया कि इन आरोपों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। भाकपा माले एक संघर्षशील एवं वैचारिक पार्टी है और पार्टी के विधायकों ने निर्णय के अनुसार ही राज्यसभा चुनाव में अपना वोट कांग्रेस प्रत्याशी को डाला। ऐसे में कांग्रेस पार्टी द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। पार्टी ने कांग्रेस से इन आरोपों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में सभी मतदाताओं का नाम जोड़ने के लिए ‘गांव चलो’ अभियान पर जोर दिया गया है।

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