सिटी रिपोर्टर | बोकारो नीट पुनर्परीक्षा रविवार को जिले के आठ परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुई। पिछली परीक्षा की तुलना में इस बार प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत अधिक कठिन रहा। अभ्यर्थियों के अनुसार फिजिक्स विषय के प्रश्न सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण थे, जबकि अन्य विषयों में भी कई सवालों ने परीक्षार्थियों की तैयारी की अच्छी परीक्षा ली। जिले में परीक्षा के लिए आठ केंद्र बनाए गए थे। कुल 2886 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2655 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 231 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार उपस्थिति लगभग 92 प्रतिशत दर्ज की गई। परीक्षा को निष्पक्ष एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश प्रक्रिया तथा अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। केंद्रों पर निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद बाहर निकले कई अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर अपेक्षा से अधिक कठिन था। विशेषकर फिजिक्स के प्रश्नों ने उन्हें काफी समय तक उलझाए रखा। हालांकि अधिकांश परीक्षार्थियों ने परीक्षा को संतुलित और प्रतिस्पर्धी बताया। प्रशासन की ओर से परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिलने की बात कही गई। सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हुई। ज्ञात हो कि नीट 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया और पुनः परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई। फिजिक्स का प्रश्न थोड़ा कठिन रहा, पर ठीक गया : श्रेया नीट परीक्षा देकर बाहर निकली परीक्षार्थी श्रेया ने बताया कि इस बार फिजिक्स का पेपर अपेक्षाकृत कठिन रहा। प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगने से अन्य विषयों के लिए समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण रहा। हालांकि, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न संतुलित स्तर के थे। फिजिक्स का पेपर रहा चुनौतीपूर्ण : आयुष राज नीट परीक्षा देकर निकले आयुष राज ने बताया कि इस बार का प्रश्नपत्र अपेक्षा से अधिक कठिन रहा। उन्होंने कहा कि केमेस्ट्री के सवाल काफी कठिन थे, वहीं फिजिक्स का पेपर भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं था। आयुष के अनुसार पिछली परीक्षा की तुलना में इस बार फिजिक्स के प्रश्न अधिक कठिन और सोचने पर मजबूर करने वाले थे, जिससे समय प्रबंधन में दिक्कत हुई।
कठिन सवालों के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुई नीट पुनर्परीक्षा, डीसी-एसपी ने की केंद्रों की जांच
सिटी रिपोर्टर | बोकारो नीट पुनर्परीक्षा रविवार को जिले के आठ परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुई। पिछली परीक्षा की तुलना में इस बार प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत अधिक कठिन रहा। अभ्यर्थियों के अनुसार फिजिक्स विषय के प्रश्न सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण थे, जबकि अन्य विषयों में भी कई सवालों ने परीक्षार्थियों की तैयारी की अच्छी परीक्षा ली। जिले में परीक्षा के लिए आठ केंद्र बनाए गए थे। कुल 2886 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2655 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 231 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार उपस्थिति लगभग 92 प्रतिशत दर्ज की गई। परीक्षा को निष्पक्ष एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश प्रक्रिया तथा अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। केंद्रों पर निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद बाहर निकले कई अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर अपेक्षा से अधिक कठिन था। विशेषकर फिजिक्स के प्रश्नों ने उन्हें काफी समय तक उलझाए रखा। हालांकि अधिकांश परीक्षार्थियों ने परीक्षा को संतुलित और प्रतिस्पर्धी बताया। प्रशासन की ओर से परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिलने की बात कही गई। सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हुई। ज्ञात हो कि नीट 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया और पुनः परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई। फिजिक्स का प्रश्न थोड़ा कठिन रहा, पर ठीक गया : श्रेया नीट परीक्षा देकर बाहर निकली परीक्षार्थी श्रेया ने बताया कि इस बार फिजिक्स का पेपर अपेक्षाकृत कठिन रहा। प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगने से अन्य विषयों के लिए समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण रहा। हालांकि, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न संतुलित स्तर के थे। फिजिक्स का पेपर रहा चुनौतीपूर्ण : आयुष राज नीट परीक्षा देकर निकले आयुष राज ने बताया कि इस बार का प्रश्नपत्र अपेक्षा से अधिक कठिन रहा। उन्होंने कहा कि केमेस्ट्री के सवाल काफी कठिन थे, वहीं फिजिक्स का पेपर भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं था। आयुष के अनुसार पिछली परीक्षा की तुलना में इस बार फिजिक्स के प्रश्न अधिक कठिन और सोचने पर मजबूर करने वाले थे, जिससे समय प्रबंधन में दिक्कत हुई।

