रांची के कोकर क्षेत्र से 45 दिन पहले लापता हुई 22 माह की बच्ची अदिति पांडे की बरामदगी की मांग को लेकर मंगलवार शाम हजारीबाग में विरोध मार्च निकाला गया। इसमें शहर के समाजसेवी, बुद्धिजीवी, युवा और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अदिति 9 मई को अपने घर के पास से लापता हुई थी। डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ रही है। मार्च में शामिल लोगों ने तख्तियां और बैनर लेकर बच्ची की सुरक्षित वापसी की मांग की। मार्च में शामिल लोगों ने रांची पुलिस की जांच पर असंतोष व्यक्त किया। उनका आरोप है कि जांच में अब तक कोई खास प्रगति नहीं हुई है, जिससे परिवार और समाज दोनों चिंतित हैं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा कि 22 माह की बच्ची का इतने लंबे समय तक लापता रहना गंभीर विषय है, जिसकी निष्पक्ष और प्रभावी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को सक्रिय कर बच्ची की तलाश तेज करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अदिति को बरामद नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का मुद्दा है। मार्च शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लोगों ने स्पष्ट किया कि अदिति की बरामदगी तक उनकी मांग जारी रहेगी।
रांची में 22 माह की अदिति 45 दिन से लापता:हजारीबाग में लोगों ने निकाला विरोध मार्च, उच्च स्तरीय जांच की मांग
रांची के कोकर क्षेत्र से 45 दिन पहले लापता हुई 22 माह की बच्ची अदिति पांडे की बरामदगी की मांग को लेकर मंगलवार शाम हजारीबाग में विरोध मार्च निकाला गया। इसमें शहर के समाजसेवी, बुद्धिजीवी, युवा और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अदिति 9 मई को अपने घर के पास से लापता हुई थी। डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ रही है। मार्च में शामिल लोगों ने तख्तियां और बैनर लेकर बच्ची की सुरक्षित वापसी की मांग की। मार्च में शामिल लोगों ने रांची पुलिस की जांच पर असंतोष व्यक्त किया। उनका आरोप है कि जांच में अब तक कोई खास प्रगति नहीं हुई है, जिससे परिवार और समाज दोनों चिंतित हैं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा कि 22 माह की बच्ची का इतने लंबे समय तक लापता रहना गंभीर विषय है, जिसकी निष्पक्ष और प्रभावी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को सक्रिय कर बच्ची की तलाश तेज करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अदिति को बरामद नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का मुद्दा है। मार्च शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लोगों ने स्पष्ट किया कि अदिति की बरामदगी तक उनकी मांग जारी रहेगी।

