रांची के राजेन्द्र इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस (रिम्स) में वर्ष 2025 की मेडिकल नामांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में बुधवार को सीआईडी की टीम रिम्स पहुंची और मामले की पड़ताल शुरू कर दी। सीआईडी टीम रिम्स में एडमिशन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसके साथ ही, फर्जी दस्तावेजों के जरिए दाखिले के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। एडीजी सीआईडी के आदेश पर गठित दो टीमें रिम्स प्रबंधन के डीन कार्यालय और डाटा सेंटर सहित अन्य संबंधित विभागों में फाइलों को खंगाल रही हैं। टेंडर प्रक्रिया में भी अनियमितताओं की शिकायतें
शिकायतों के अनुसार, नामांकन के समय नियमों की अनदेखी की गई थी। आरोप है कि अयोग्य अभ्यर्थियों का भी दाखिला कराया गया। इसके अलावा, रिम्स में टेंडर प्रक्रिया में भी बड़ी अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं। जांच टीम के साथ इस क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ भी मौजूद हैं, जो टीम को जांच में तकनीकी सहायता प्रदान कर रहे हैं। जांच के दौरान मिले सभी संदिग्ध दस्तावेजों को टीम अपने कब्जे में ले रही है। यह कार्रवाई वर्ष 2025 में मेडिकल पाठ्यक्रमों में नामांकन के दौरान कथित अनियमितताओं और गड़बड़ी की शिकायतों के आधार पर की गई है। शिकायतें मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने प्रारंभिक पड़ताल शुरू की थी, जिसके बाद यह मामला सीआईडी को सौंपा गया। अभ्यर्थियों ने उठाया था मामला
यह मामला पिछले वर्ष अभ्यर्थियों द्वारा उठाया गया था, जिसके बाद लगातार जांच की मांग की जा रही थी। सीआईडी टीम यह भी जांच कर रही है कि इस कथित गड़बड़ी में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसके तार किन-किन स्तरों तक जुड़े हुए हैं।

