पलामू पुलिस ने ठेकेदार संजय तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी को गोली मारने के मामले में फरार भतीजे प्रीतम तिवारी को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई एक देशी पिस्टल और तीन गोलियां बरामद की गई है। यह गिरफ्तारी 22 डिसमिल पुश्तैनी जमीन को लेकर चल रहे विवाद से संबंधित है, जिसमें प्रीतम ने अपने चाचा की हत्या की साजिश रची थी। घटना 20 जून को शहर थाना क्षेत्र में जीएलए कॉलेज के पास स्थित मां अष्टभुजी मंदिर के बाहर हुई थी, जहां संजय तिवारी को गोली मारी गई थी। जांच में बारालोटा निवासी प्रीतम तिवारी का नाम सामने आया था। चियांकी हवाई अड्डे के पास से किया गिरफ्तार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसपी कपिल चौधरी ने एसडीपीओ राजेश यादव के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। टीम ने पांच दिनों तक विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की और मंगलवार को चियांकी हवाई अड्डे के पास से प्रीतम को गिरफ्तार कर लिया। एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि पूछताछ में प्रीतम तिवारी ने पुश्तैनी जमीन विवाद की बात स्वीकार की है। उसने आशंका जताई कि उसके चाचा करोड़ों रुपए की जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर उसे हड़प सकते हैं। इसी आशंका के चलते उसने संजय तिवारी की हत्या की योजना बनाई और रांची से पिस्टल खरीदकर चाचा पर गोली चला दी। संजय तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी का इलाज रांची में चल रहा है। तीन साल पहले भी प्रीतम ने गुड्डू तिवारी के साथ मारपीट की थी, जिसकी प्राथमिकी शहर थाने में दर्ज है। घटना वाले दिन गुड्डू तिवारी हर शनिवार की तरह मां अष्टभुजी दुर्गा मंदिर में पूजा करने गए थे। पूजा के बाद मंदिर से बाहर निकलते ही प्रीतम ने उन पर सामने से गोली चला दी। गोली उनके दाहिने सीने में लगी, जिससे उनकी जान बच गई। जिस जमीन विवाद को लेकर यह घटना हुई है, उसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। घटना वाले दिन भी संबंधित मामले की अदालत में सुनवाई की तारीख थी।
पलामू में चाचा को गोली मारने वाला भतीजा गिरफ्तार:रांची से खरीदी थी पिस्टल, 22 डिसमिल जमीन विवाद में हत्या की रची थी साजिश
पलामू पुलिस ने ठेकेदार संजय तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी को गोली मारने के मामले में फरार भतीजे प्रीतम तिवारी को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई एक देशी पिस्टल और तीन गोलियां बरामद की गई है। यह गिरफ्तारी 22 डिसमिल पुश्तैनी जमीन को लेकर चल रहे विवाद से संबंधित है, जिसमें प्रीतम ने अपने चाचा की हत्या की साजिश रची थी। घटना 20 जून को शहर थाना क्षेत्र में जीएलए कॉलेज के पास स्थित मां अष्टभुजी मंदिर के बाहर हुई थी, जहां संजय तिवारी को गोली मारी गई थी। जांच में बारालोटा निवासी प्रीतम तिवारी का नाम सामने आया था। चियांकी हवाई अड्डे के पास से किया गिरफ्तार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसपी कपिल चौधरी ने एसडीपीओ राजेश यादव के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। टीम ने पांच दिनों तक विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की और मंगलवार को चियांकी हवाई अड्डे के पास से प्रीतम को गिरफ्तार कर लिया। एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि पूछताछ में प्रीतम तिवारी ने पुश्तैनी जमीन विवाद की बात स्वीकार की है। उसने आशंका जताई कि उसके चाचा करोड़ों रुपए की जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर उसे हड़प सकते हैं। इसी आशंका के चलते उसने संजय तिवारी की हत्या की योजना बनाई और रांची से पिस्टल खरीदकर चाचा पर गोली चला दी। संजय तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी का इलाज रांची में चल रहा है। तीन साल पहले भी प्रीतम ने गुड्डू तिवारी के साथ मारपीट की थी, जिसकी प्राथमिकी शहर थाने में दर्ज है। घटना वाले दिन गुड्डू तिवारी हर शनिवार की तरह मां अष्टभुजी दुर्गा मंदिर में पूजा करने गए थे। पूजा के बाद मंदिर से बाहर निकलते ही प्रीतम ने उन पर सामने से गोली चला दी। गोली उनके दाहिने सीने में लगी, जिससे उनकी जान बच गई। जिस जमीन विवाद को लेकर यह घटना हुई है, उसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। घटना वाले दिन भी संबंधित मामले की अदालत में सुनवाई की तारीख थी।

