मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव ने शुक्रवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी वार्ड, शिशु वार्ड, मातृ और शिशु अस्पताल (एमसीएच), दवा वितरण केंद्र, आईसीयू और साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। मरीजों से सीधे बातचीत कर फीडबैक भी लिया। निरीक्षण में सामने आई कई खामियों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए सिविल सर्जन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। मरीज की शिकायत पर तुरंत लिया एक्शन निरीक्षण के दौरान तुर्की से इलाज कराने आए एक मरीज ने डीएम से शिकायत की कि वेटिंग एरिया के चारों पंखे खराब हैं, जिससे भीषण गर्मी में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी हो रही है। शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सभी पंखे ठीक कराने या नए पंखे लगाने का निर्देश दिया। साथ ही अस्पताल परिसर में पेयजल की समस्या को भी जल्द दूर करने के आदेश दिए। 15 जुलाई तक अनावश्यक रेफरल कम करने पर जोर निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार 15 जुलाई के बाद अनावश्यक रेफरल में कमी लानी है। इसके लिए सदर अस्पताल की सुविधाओं को पूरी तरह कार्यशील बनाना होगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल का आईसीयू अभी 10 में से केवल पांच बेड पर संचालित हो रहा है। अगले 15 दिनों के भीतर सभी 10 बेड को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही मातृ एवं शिशु अस्पताल, मेटरनिटी वार्ड और ऑपरेशन थिएटर को भी पूरी तरह कार्यशील बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों को बिना जरूरत दूसरे अस्पतालों में रेफर न करना पड़े। लू वार्ड और एसएनसीयू का भी किया निरीक्षण हाल ही में लू वार्ड में एसी खराब होने की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने हीट स्ट्रोक वार्ड और एसएनसीयू का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान दोनों वार्डों में एसी चालू मिला और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी। निजी अस्पतालों में मरीज भेजने वाले दलालों पर होगी कार्रवाई निरीक्षण के दौरान मातृ एवं शिशु अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने वाले दलालों का मामला भी उठा। इस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसी शिकायतें प्रशासन के संज्ञान में हैं और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सदर अस्पताल परिसर में यदि कोई निजी एंबुलेंस अनधिकृत रूप से खड़ी मिले, तो उसे तत्काल जब्त किया जाए। साथ ही पुलिस को अस्पताल परिसर और आसपास नियमित गश्त बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया। सर्वर की समस्या भी होगी दूर अस्पताल में सर्वर बार-बार ठप होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने कहा कि इस संबंध में विभाग से बात कर तकनीकी समस्या का समाधान कराया जाएगा, ताकि मरीजों को पर्ची, जांच और दवा वितरण में अनावश्यक परेशानी न हो। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर जोर स्वास्थ्य विभाग में अलग-अलग पदों पर प्रभार की व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर जिलाधिकारी ने कहा कि विस्तृत निरीक्षण प्रतिवेदन तैयार कर विभाग को भेजा जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि फिलहाल उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सरकारी मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी स्वास्थ्य सेवाएं मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि सदर अस्पताल पर लोगों का भरोसा और मजबूत हो।
निजी अस्पतालों में मरीज भेजने वाले दलालों पर होगी कार्रवाई:मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल का डीएम ने किया निरीक्षण, कहा- खराब पंखे जल्द ठीक हो
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव ने शुक्रवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी वार्ड, शिशु वार्ड, मातृ और शिशु अस्पताल (एमसीएच), दवा वितरण केंद्र, आईसीयू और साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। मरीजों से सीधे बातचीत कर फीडबैक भी लिया। निरीक्षण में सामने आई कई खामियों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए सिविल सर्जन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। मरीज की शिकायत पर तुरंत लिया एक्शन निरीक्षण के दौरान तुर्की से इलाज कराने आए एक मरीज ने डीएम से शिकायत की कि वेटिंग एरिया के चारों पंखे खराब हैं, जिससे भीषण गर्मी में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी हो रही है। शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सभी पंखे ठीक कराने या नए पंखे लगाने का निर्देश दिया। साथ ही अस्पताल परिसर में पेयजल की समस्या को भी जल्द दूर करने के आदेश दिए। 15 जुलाई तक अनावश्यक रेफरल कम करने पर जोर निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार 15 जुलाई के बाद अनावश्यक रेफरल में कमी लानी है। इसके लिए सदर अस्पताल की सुविधाओं को पूरी तरह कार्यशील बनाना होगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल का आईसीयू अभी 10 में से केवल पांच बेड पर संचालित हो रहा है। अगले 15 दिनों के भीतर सभी 10 बेड को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही मातृ एवं शिशु अस्पताल, मेटरनिटी वार्ड और ऑपरेशन थिएटर को भी पूरी तरह कार्यशील बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों को बिना जरूरत दूसरे अस्पतालों में रेफर न करना पड़े। लू वार्ड और एसएनसीयू का भी किया निरीक्षण हाल ही में लू वार्ड में एसी खराब होने की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने हीट स्ट्रोक वार्ड और एसएनसीयू का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान दोनों वार्डों में एसी चालू मिला और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी। निजी अस्पतालों में मरीज भेजने वाले दलालों पर होगी कार्रवाई निरीक्षण के दौरान मातृ एवं शिशु अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने वाले दलालों का मामला भी उठा। इस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसी शिकायतें प्रशासन के संज्ञान में हैं और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सदर अस्पताल परिसर में यदि कोई निजी एंबुलेंस अनधिकृत रूप से खड़ी मिले, तो उसे तत्काल जब्त किया जाए। साथ ही पुलिस को अस्पताल परिसर और आसपास नियमित गश्त बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया। सर्वर की समस्या भी होगी दूर अस्पताल में सर्वर बार-बार ठप होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने कहा कि इस संबंध में विभाग से बात कर तकनीकी समस्या का समाधान कराया जाएगा, ताकि मरीजों को पर्ची, जांच और दवा वितरण में अनावश्यक परेशानी न हो। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर जोर स्वास्थ्य विभाग में अलग-अलग पदों पर प्रभार की व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर जिलाधिकारी ने कहा कि विस्तृत निरीक्षण प्रतिवेदन तैयार कर विभाग को भेजा जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि फिलहाल उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सरकारी मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी स्वास्थ्य सेवाएं मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि सदर अस्पताल पर लोगों का भरोसा और मजबूत हो।

