औरंगाबाद शहर के बाईपास मार्ग के पास स्थित एक कबाड़ की दुकान में शुक्रवार को अचानक आग लग गई। आग लगते ही आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में रहने वाले लोग दहशत में आ गए। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरी दुकान उसकी चपेट में आ गई। दुकान मालिक रिंकू कुरैशी मुहल्ला के निवासी हैं। इन्होंने बताया कि इस हादसे में करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की एक छोटी गाड़ी करीब 30 मिनट बाद मौके पर पहुंची, जबकि दो बड़ी दमकल गाड़ियां लगभग 50 मिनट बाद पहुंचीं। इसके बाद कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। दमकल गाड़ी के देरी से पहुंचने पर नाराजगी समय रहते आग बुझा लिए जाने से आसपास के मकानों तक आग नहीं पहुंची और एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, स्थानीय लोगों ने दमकल गाड़ी के देरी से पहुंचने पर नाराजगी जताई और कहा कि यदि आग और फैल जाती, तो स्थिति भयावह हो सकती थी। घटना के बाद शहर में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित कबाड़ की दुकानों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बाईपास ही नहीं, बल्कि टिकरी रोड समेत शहर के कई रिहायशी इलाकों में भी कबाड़ का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे जगह पर ज्वलनशील सामग्री का भंडारण होने से कभी भी बड़ा अग्निकांड हो सकता है। लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे शहर में संचालित कबाड़ की दुकानों की जांच कराने, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और आबादी वाले क्षेत्रों से ऐसे जोखिमपूर्ण कारोबार को हटाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना को चेतावनी के रूप में लेते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि, भविष्य में किसी बड़ी जनहानि या भारी संपत्ति नुकसान की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
औरंगाबाद में कबाड़ की दुकान में लगी आग:शॉर्ट सर्किट से हादसा, दमकल गाड़ी के देरी से पहुंचने पर स्थानीय लोग हुए नाराज
औरंगाबाद शहर के बाईपास मार्ग के पास स्थित एक कबाड़ की दुकान में शुक्रवार को अचानक आग लग गई। आग लगते ही आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में रहने वाले लोग दहशत में आ गए। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरी दुकान उसकी चपेट में आ गई। दुकान मालिक रिंकू कुरैशी मुहल्ला के निवासी हैं। इन्होंने बताया कि इस हादसे में करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की एक छोटी गाड़ी करीब 30 मिनट बाद मौके पर पहुंची, जबकि दो बड़ी दमकल गाड़ियां लगभग 50 मिनट बाद पहुंचीं। इसके बाद कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। दमकल गाड़ी के देरी से पहुंचने पर नाराजगी समय रहते आग बुझा लिए जाने से आसपास के मकानों तक आग नहीं पहुंची और एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, स्थानीय लोगों ने दमकल गाड़ी के देरी से पहुंचने पर नाराजगी जताई और कहा कि यदि आग और फैल जाती, तो स्थिति भयावह हो सकती थी। घटना के बाद शहर में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित कबाड़ की दुकानों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बाईपास ही नहीं, बल्कि टिकरी रोड समेत शहर के कई रिहायशी इलाकों में भी कबाड़ का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे जगह पर ज्वलनशील सामग्री का भंडारण होने से कभी भी बड़ा अग्निकांड हो सकता है। लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे शहर में संचालित कबाड़ की दुकानों की जांच कराने, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और आबादी वाले क्षेत्रों से ऐसे जोखिमपूर्ण कारोबार को हटाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना को चेतावनी के रूप में लेते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि, भविष्य में किसी बड़ी जनहानि या भारी संपत्ति नुकसान की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
