नशीली दवाओं के सेवन एवं अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, शेखपुरा द्वारा व्यवहार न्यायालय स्थित एडीआर भवन में जागरूकता एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में रविंद्र कुमार ने कहा कि नशीली दवाओं का सेवन केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए न्यायपालिका, प्रशासन, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा। जिला बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव चंद्रमौली यादव ने कहा कि नशा समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग की अपील की। कार्यक्रम के दौरान न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों एवं अन्य प्रतिभागियों को नशीली दवाओं के सेवन एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध जागरूक रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। लीगल एड क्लीनिकों में कमी दूर करने का निर्देश कार्यक्रम के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने पैनल अधिवक्ताओं एवं पारा लीगल वॉलंटियर्स के साथ बैठक कर जिले के लीगल एड क्लीनिकों के निरीक्षण में मिली कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकार निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार झा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद, जिला बार एसोसिएशन के सचिव विपिन सिंह, संयुक्त सचिव चंद्रमौली यादव सहित कई न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मी उपस्थित रहे।
नशे के खिलाफ एकजुट हुए न्यायिक अधिकारी
नशीली दवाओं के सेवन एवं अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, शेखपुरा द्वारा व्यवहार न्यायालय स्थित एडीआर भवन में जागरूकता एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में रविंद्र कुमार ने कहा कि नशीली दवाओं का सेवन केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए न्यायपालिका, प्रशासन, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा। जिला बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव चंद्रमौली यादव ने कहा कि नशा समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग की अपील की। कार्यक्रम के दौरान न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों एवं अन्य प्रतिभागियों को नशीली दवाओं के सेवन एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध जागरूक रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। लीगल एड क्लीनिकों में कमी दूर करने का निर्देश कार्यक्रम के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने पैनल अधिवक्ताओं एवं पारा लीगल वॉलंटियर्स के साथ बैठक कर जिले के लीगल एड क्लीनिकों के निरीक्षण में मिली कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकार निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार झा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद, जिला बार एसोसिएशन के सचिव विपिन सिंह, संयुक्त सचिव चंद्रमौली यादव सहित कई न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मी उपस्थित रहे।
