जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने जिला निरीक्षण समिति के साथ विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (SAA) का औचक निरीक्षण किया। किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत यह निरीक्षण बच्चों को दी जा रही बुनियादी सुविधाओं, उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और विधिक प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से किया गया। संस्थान में वर्तमान में कुल 06 बच्चे आवासित हैं। जिला पदाधिकारी ने संस्थान में रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, खेल-कूद और उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बच्चों से उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। डीएम ने प्रत्येक बच्चे की हेल्थ रिपोर्ट और टीकाकरण रिकॉर्ड की भी जांच की। CWC के आदेशों की गहन जांच की निरीक्षण समिति के सदस्यों ने बच्चों के व्यक्तिगत अभिलेख, दत्तक ग्रहण से जुड़ी पत्रावलियां, केस हिस्ट्री और बाल कल्याण समिति (CWC) के आदेशों की गहन जांच की। बच्चों के शयनकक्ष, रसोईघर, शौचालय और परिसर की साफ-सफाई का भी जायजा लिया गया। जिला पदाधिकारी ने स्वच्छता मानकों को उच्च बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। रसोई में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। बच्चों के प्रति उनके व्यवहार की भी समीक्षा की गई संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था का भी आकलन किया गया, जिसमें सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास और सुरक्षा गार्ड की उपलब्धता शामिल थी। इसके अतिरिक्त, संस्थान में कार्यरत कर्मियों की उपस्थिति पंजी, प्रशिक्षण रिकॉर्ड और बच्चों के प्रति उनके व्यवहार की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने संस्थान के प्रभारी को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित काउंसलिंग, खेल गतिविधियों और शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने, CARINGS पोर्टल को अद्यतन रखने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। इस निरीक्षण के दौरान जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, सिविल सर्जन प्रतिनिधि और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
DM ने स्पेशलाइज्ड एडॉप्शन एजेंसी का सरप्राइज इंस्पेक्शन किया:कटिहार में 6 बच्चों की सुविधाओं, रिकार्ड्स की जांच; स्वच्छता पर फोकस
जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने जिला निरीक्षण समिति के साथ विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (SAA) का औचक निरीक्षण किया। किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत यह निरीक्षण बच्चों को दी जा रही बुनियादी सुविधाओं, उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और विधिक प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से किया गया। संस्थान में वर्तमान में कुल 06 बच्चे आवासित हैं। जिला पदाधिकारी ने संस्थान में रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, खेल-कूद और उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बच्चों से उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। डीएम ने प्रत्येक बच्चे की हेल्थ रिपोर्ट और टीकाकरण रिकॉर्ड की भी जांच की। CWC के आदेशों की गहन जांच की निरीक्षण समिति के सदस्यों ने बच्चों के व्यक्तिगत अभिलेख, दत्तक ग्रहण से जुड़ी पत्रावलियां, केस हिस्ट्री और बाल कल्याण समिति (CWC) के आदेशों की गहन जांच की। बच्चों के शयनकक्ष, रसोईघर, शौचालय और परिसर की साफ-सफाई का भी जायजा लिया गया। जिला पदाधिकारी ने स्वच्छता मानकों को उच्च बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। रसोई में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। बच्चों के प्रति उनके व्यवहार की भी समीक्षा की गई संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था का भी आकलन किया गया, जिसमें सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास और सुरक्षा गार्ड की उपलब्धता शामिल थी। इसके अतिरिक्त, संस्थान में कार्यरत कर्मियों की उपस्थिति पंजी, प्रशिक्षण रिकॉर्ड और बच्चों के प्रति उनके व्यवहार की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने संस्थान के प्रभारी को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित काउंसलिंग, खेल गतिविधियों और शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने, CARINGS पोर्टल को अद्यतन रखने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। इस निरीक्षण के दौरान जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, सिविल सर्जन प्रतिनिधि और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।


