भोजपुर के शाहपुर क्षेत्र के बिलौटी में बीते 17 जून को भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मृत्यु के मामले में कानूनी प्रयास तेज हो गए हैं। अधिवक्ता अनिकेश तिवारी ने इस संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है। आयोग ने शिकायत स्वीकार कर डायरी संख्या 14354, आइएन 2026 आवंटित की है। शिकायत में मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इसमें सभी इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 17 जून को हुई घटना में भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उन पर गोली चलाई गई, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इस बीच, अधिवक्ताओं के एक शिष्टमंडल ने मृतक भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। इस शिष्टमंडल का नेतृत्व अधिवक्ता अनिकेश तिवारी ने किया। इसमें कलकत्ता उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष मिश्रा और अधिवक्ता रविश उपाध्याय सहित कई अन्य अधिवक्ता शामिल थे। शिष्टमंडल ने परिजनों को आश्वस्त किया कि वे न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। अधिवक्ताओं ने कहा कि वे भोजपुर न्यायालय से लेकर पटना उच्च न्यायालय और आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय तक सभी कानूनी उपाय अपनाकर न्याय दिलाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों की जवाबदेही तय कराने और पीड़ित परिवार के अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। अधिवक्ता अनिकेश तिवारी ने इस मामले को केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि कानून के शासन, मानवाधिकारों और संविधान द्वारा प्रदत्त जीवन के अधिकार से जुड़ा एक गंभीर विषय बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, तो सत्य अवश्य सामने आएगा और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, मानवाधिकार आयोग में शिकायत:परिजनों को अधिवक्ताओं ने कानूनी सहयोग का भरोसा दिया
भोजपुर के शाहपुर क्षेत्र के बिलौटी में बीते 17 जून को भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मृत्यु के मामले में कानूनी प्रयास तेज हो गए हैं। अधिवक्ता अनिकेश तिवारी ने इस संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है। आयोग ने शिकायत स्वीकार कर डायरी संख्या 14354, आइएन 2026 आवंटित की है। शिकायत में मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इसमें सभी इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 17 जून को हुई घटना में भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उन पर गोली चलाई गई, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इस बीच, अधिवक्ताओं के एक शिष्टमंडल ने मृतक भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। इस शिष्टमंडल का नेतृत्व अधिवक्ता अनिकेश तिवारी ने किया। इसमें कलकत्ता उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष मिश्रा और अधिवक्ता रविश उपाध्याय सहित कई अन्य अधिवक्ता शामिल थे। शिष्टमंडल ने परिजनों को आश्वस्त किया कि वे न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। अधिवक्ताओं ने कहा कि वे भोजपुर न्यायालय से लेकर पटना उच्च न्यायालय और आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय तक सभी कानूनी उपाय अपनाकर न्याय दिलाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों की जवाबदेही तय कराने और पीड़ित परिवार के अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। अधिवक्ता अनिकेश तिवारी ने इस मामले को केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि कानून के शासन, मानवाधिकारों और संविधान द्वारा प्रदत्त जीवन के अधिकार से जुड़ा एक गंभीर विषय बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, तो सत्य अवश्य सामने आएगा और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


