“मेरा बेटा चार साल से घर नहीं आया है। आखिरी बार वह अपनी मां के अंतिम संस्कार में आया था, वह भी सिर्फ 15 मिनट के लिए। पुलिस के डर से वह तुरंत वहां से चला गया था। पहली बार 2011 के TET परीक्षा पेपर लीक मामले में उसका नाम सामने आया था। इसके बाद से हमारा उससे कोई संपर्क नहीं है।” ये बातें समस्तीपुर में पेपर लीक मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता के पिता बालेश्वर साह ने कहीं। ये वही बिजेंद्र गुप्ता है, जिसका नाम मुंबई में TET परीक्षा के दौरान पेपर लीक मामले में सामने आया है। यह परीक्षा 28 जून को हुई थी। गांव में चर्चा है कि अवैध कमाई के जरिए बिजेंद्र ने करोड़ों की संपत्ति बनाई है। उसने पटना और दिल्ली में फ्लैट भी खरीदे हैं। परिजनों का कहना है कि कानूनी विवादों से बचने के लिए उन्होंने उससे नाता तोड़ लिया है। मास्टरमाइंड की पूरी कहानी जानें, कहां से पढ़ाई की, कैसे नेटवर्क से जुड़ा और मुंबई तक कैसे पहुंचा, पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. मास्टरमाइंट के घर की तस्वीर… मास्टरमाइंट भाइयों में सबसे छोटा, एक भाई कर्ज लेकर फरार बिजेंद्र के पिता बालेश्वर साह ने पहले अपने बेटे के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। हालांकि, आग्रह करने पर वे परिवार और आरोपी बेटे के बारे में बात करने के लिए तैयार हुए। बालेश्वर साह ने कहा, “मैं गांव में तेल पिराई का काम करता हूं। बिजेंद्र चार भाइयों में सबसे छोटा है। सबसे बड़ा भाई बमबम उर्फ बमभोला साह गांव में किराना की दुकान चलाता है। दूसरा भाई रामबाबू साह आटा चक्की चलाता है। तीसरा भाई जितेंद्र साह विद्यापतिनगर के मऊ बाजार में तेल पिराई का काम करता था, लेकिन वह फिलहाल फरार है। उसने गांव के लोगों से कर्ज ले रखा है। तगादे के कारण वह गांव छोड़कर चला गया। उसके बच्चे अब भी गांव में ही रहते हैं।” बेगूसराय में ग्रेजुएशन करने के बाद पटना गया था पुलिस सूत्रों के अनुसार, बिजेंद्र 2011 में बेगूसराय से पटना पहुंचा और पेपर लीक कराने वाले गिरोह से जुड़ गया। इसी दौरान उसकी पहचान सरकारी नौकरियों में सेटिंग कराने वाले रंजीत डॉन से हुई। सूत्रों का दावा है कि इसके बाद बिजेंद्र कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लालच में पड़ गया। इसी वजह से उसने कोई नियमित नौकरी नहीं की और शॉर्टकट के चक्कर में अवैध गतिविधियों से जुड़ता चला गया। सोशल मीडिया से खुद को किया दूर पिता बालेश्वर साह ने बताया, “हमारे घर में चार कमरे हैं। इनमें बिजेंद्र के तीन भाइयों का परिवार रहता है। एक कमरे में ताला लगा हुआ है।” ग्रामीणों का कहना है कि जब भी बिजेंद्र घर आता था, तो उसी कमरे में ठहरता था। वहीं, गांव में यह भी चर्चा है कि जांच एजेंसियों और पुलिस की नजर से बचने के लिए उसने खुद को सोशल मीडिया से भी दूर कर लिया। बिजेंद्र अपना ठिकाना बदलता रहता है गांव वालों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि बिजेंद्र ने बेगूसराय की लड़की से इंटरकास्ट मैरिज की थी। उसकी पत्नी आजतक गांव नहीं आई है। बिजेंद्र कभी पटना तो कभी दिल्ली में रहता है। हमेशा अपना ठिकाना बदलता रहता है। बिजेंद्र फरार, उसके 3 साथियों को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है दरअसल, बिहार पुलिस जिस परीक्षा माफिया को फरार मान रही है, उसका नाम महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के 28 जून को आयोजित पेपर लीक मामले में भी सामने आया है। महाराष्ट्र पुलिस ने मामले में बिजेंद्र के तीन कथित साथियों- बिहार के राजीव शॉ, आकाश कुमार और हरियाणा के धीरज सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, तीनों दिल्ली से TET परीक्षा का प्रश्नपत्र लेकर महाराष्ट्र के भिवंडी पहुंचे थे। आरोप है कि वे प्रश्नपत्र को करीब डेढ़ करोड़ रुपए में बेचने की तैयारी कर रहे थे। शनिवार को महाराष्ट्र पुलिस को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस कमिश्नर पवन बनसोड के नेतृत्व में कार्रवाई कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। 25 साल से पेपर लीक का नेटवर्क चला रहा पटना पुलिस जिस बिजेंद्र गुप्ता को पिछले 4 सालों से गिरफ्तार नहीं कर सकी, अब उसका नाम अब महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में भी सामने आया है। आरोप है कि वह देशभर में पेपर लीक कराने वाले नेटवर्क का संचालन करता है। बिजेंद्र गुप्ता पहले से ही कई मामलों में आरोपी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह करीब 25 सालों से परीक्षा माफिया के नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जाता है।
मुंबई में TET पेपर लीक का मास्टरमाइंड बिहार का:दिल्ली-पटना में करोड़ों की संपत्ति; मां के निधन पर 4 साल पहले समस्तीपुर आया था
“मेरा बेटा चार साल से घर नहीं आया है। आखिरी बार वह अपनी मां के अंतिम संस्कार में आया था, वह भी सिर्फ 15 मिनट के लिए। पुलिस के डर से वह तुरंत वहां से चला गया था। पहली बार 2011 के TET परीक्षा पेपर लीक मामले में उसका नाम सामने आया था। इसके बाद से हमारा उससे कोई संपर्क नहीं है।” ये बातें समस्तीपुर में पेपर लीक मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता के पिता बालेश्वर साह ने कहीं। ये वही बिजेंद्र गुप्ता है, जिसका नाम मुंबई में TET परीक्षा के दौरान पेपर लीक मामले में सामने आया है। यह परीक्षा 28 जून को हुई थी। गांव में चर्चा है कि अवैध कमाई के जरिए बिजेंद्र ने करोड़ों की संपत्ति बनाई है। उसने पटना और दिल्ली में फ्लैट भी खरीदे हैं। परिजनों का कहना है कि कानूनी विवादों से बचने के लिए उन्होंने उससे नाता तोड़ लिया है। मास्टरमाइंड की पूरी कहानी जानें, कहां से पढ़ाई की, कैसे नेटवर्क से जुड़ा और मुंबई तक कैसे पहुंचा, पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. मास्टरमाइंट के घर की तस्वीर… मास्टरमाइंट भाइयों में सबसे छोटा, एक भाई कर्ज लेकर फरार बिजेंद्र के पिता बालेश्वर साह ने पहले अपने बेटे के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। हालांकि, आग्रह करने पर वे परिवार और आरोपी बेटे के बारे में बात करने के लिए तैयार हुए। बालेश्वर साह ने कहा, “मैं गांव में तेल पिराई का काम करता हूं। बिजेंद्र चार भाइयों में सबसे छोटा है। सबसे बड़ा भाई बमबम उर्फ बमभोला साह गांव में किराना की दुकान चलाता है। दूसरा भाई रामबाबू साह आटा चक्की चलाता है। तीसरा भाई जितेंद्र साह विद्यापतिनगर के मऊ बाजार में तेल पिराई का काम करता था, लेकिन वह फिलहाल फरार है। उसने गांव के लोगों से कर्ज ले रखा है। तगादे के कारण वह गांव छोड़कर चला गया। उसके बच्चे अब भी गांव में ही रहते हैं।” बेगूसराय में ग्रेजुएशन करने के बाद पटना गया था पुलिस सूत्रों के अनुसार, बिजेंद्र 2011 में बेगूसराय से पटना पहुंचा और पेपर लीक कराने वाले गिरोह से जुड़ गया। इसी दौरान उसकी पहचान सरकारी नौकरियों में सेटिंग कराने वाले रंजीत डॉन से हुई। सूत्रों का दावा है कि इसके बाद बिजेंद्र कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लालच में पड़ गया। इसी वजह से उसने कोई नियमित नौकरी नहीं की और शॉर्टकट के चक्कर में अवैध गतिविधियों से जुड़ता चला गया। सोशल मीडिया से खुद को किया दूर पिता बालेश्वर साह ने बताया, “हमारे घर में चार कमरे हैं। इनमें बिजेंद्र के तीन भाइयों का परिवार रहता है। एक कमरे में ताला लगा हुआ है।” ग्रामीणों का कहना है कि जब भी बिजेंद्र घर आता था, तो उसी कमरे में ठहरता था। वहीं, गांव में यह भी चर्चा है कि जांच एजेंसियों और पुलिस की नजर से बचने के लिए उसने खुद को सोशल मीडिया से भी दूर कर लिया। बिजेंद्र अपना ठिकाना बदलता रहता है गांव वालों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि बिजेंद्र ने बेगूसराय की लड़की से इंटरकास्ट मैरिज की थी। उसकी पत्नी आजतक गांव नहीं आई है। बिजेंद्र कभी पटना तो कभी दिल्ली में रहता है। हमेशा अपना ठिकाना बदलता रहता है। बिजेंद्र फरार, उसके 3 साथियों को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है दरअसल, बिहार पुलिस जिस परीक्षा माफिया को फरार मान रही है, उसका नाम महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के 28 जून को आयोजित पेपर लीक मामले में भी सामने आया है। महाराष्ट्र पुलिस ने मामले में बिजेंद्र के तीन कथित साथियों- बिहार के राजीव शॉ, आकाश कुमार और हरियाणा के धीरज सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, तीनों दिल्ली से TET परीक्षा का प्रश्नपत्र लेकर महाराष्ट्र के भिवंडी पहुंचे थे। आरोप है कि वे प्रश्नपत्र को करीब डेढ़ करोड़ रुपए में बेचने की तैयारी कर रहे थे। शनिवार को महाराष्ट्र पुलिस को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस कमिश्नर पवन बनसोड के नेतृत्व में कार्रवाई कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। 25 साल से पेपर लीक का नेटवर्क चला रहा पटना पुलिस जिस बिजेंद्र गुप्ता को पिछले 4 सालों से गिरफ्तार नहीं कर सकी, अब उसका नाम अब महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में भी सामने आया है। आरोप है कि वह देशभर में पेपर लीक कराने वाले नेटवर्क का संचालन करता है। बिजेंद्र गुप्ता पहले से ही कई मामलों में आरोपी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह करीब 25 सालों से परीक्षा माफिया के नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जाता है।

